रेलवे अफसर को ब्लैकमेल करने वाली युवती की जमानत खारिज:झांसी जेल में ही रहेगी, पत्नी को अश्लील फोटो भेजकर 15 लाख मांगे थे

रेलवे अफसर को ब्लैकमेल करने वाली युवती की जमानत खारिज:झांसी जेल में ही रहेगी, पत्नी को अश्लील फोटो भेजकर 15 लाख मांगे थे

झांसी में रेलवे अफसर की AI से आपत्तिजनक फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने वाली मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेसी (27) को अभी जेल में ही रहना होगा। गुरुवार को न्यायालय संख्या-1 के अपर सत्र न्यायाधीश आदित्य चतुर्वेदी ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। वह 10 सितंबर से झांसी जेल में बंद है। मरीना के खिलाफ रेलवे अधिकारी जितेंद्र कुमार शर्मा की पत्नी अंकिता भारद्वाज ने नवाबाद थाने में ब्लैकमेलिंग की FIR दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि मरीना AI से तस्वीरें बनाकर उनके पति और परिवार को ब्लैकमेल कर रही थी और 15 लाख रुपए की मांग कर रही थी। मरीना जेसी मूलरूप से कर्नाटक की रहने वाली है। अफसर की पत्नी की शिकायत पर हुई थी FIR झांसी में जितेंद्र कुमार शर्मा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (RPF) हैं। उनकी पत्नी अंकिता भारद्वाज ने मरीना के खिलाफ नवाबाद थाने में 2 अगस्त 2026 को FIR दर्ज कराई। इसमें उन्होंने कहा कि मरीना फोन और वॉट्सएप के जरिए मेरे पति और पूरे परिवार को ब्लैकमेल कर रही थी। हमारे घर-परिवार की महिलाओं की AI से एडिटेड आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। हमने इस बात से डरकर जनवरी से जून, 2026 के बीच मरीना को गूगल-पे के जरिए 7 बार रकम भेजी। इनमें 5 हजार, 10 हजार, 7 हजार, 3 हजार, 3 हजार, 2 हजार और 10 हजार रुपए उसको भेजे। 31 जुलाई को मरीना ने मेरे पति जितेंद्र की आपत्तिजनक एडिटेड फोटो मेरे वॉट्सएप पर भेजीं। पत्नी बोली- मरीना ने 2 जून को हमारे सरकारी घर में हंगामा किया अंकिता भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मरीना 2 जून को दोपहर करीब 1:30 बजे मेरे पति जितेंद्र के कुंज स्थित सरकारी घर पर आई थी। वहां उसने गाली-गलौज करते हुए 15 लाख रुपए की मांग की। उसने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने केस दर्ज करके मरीना की तलाश शुरू कर दी। प्रयागराज से गिरफ्तार किया था 9 सितंबर को पुलिस ने मरीना को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। अगले दिन उसे झांसी लाकर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से मरीना को जेल भेज दिया गया। पुलिस को उसके पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन मिले हैं। लैपटॉप की जांच में कई ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जबकि मोबाइल नंबरों की CDR निकाली जा रही है। पुलिस अब वॉट्सऐप चैट, कॉल डिटेल, यूपीआई लेन-देन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। परिवार की ओर से आशंका जताई गई है कि मरीना इस मामले में अकेली नहीं थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ब्लैकमेलिंग में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। डीजीसी ने जमानत का विरोध किया डीजीसी क्राइम मृदुल कांत श्रीवास्तव ने बताया- आरोपी मरीना जेसी ने जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया था। इस पर कोर्ट में सुनवाई है। इस दौरान डीजीसी ने कोर्ट में जमानत का विरोध करते हुए प्रार्थना पत्र निरस्त करने की बात कही। इसके अलावा मुकदमा वादिनी अंकिता भारद्वाज ने भी निजी अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र के खिलाफ लिखित आपत्ति दर्ज कराई। जिसमें जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करने की याचना की गई। कोर्ट ने तमाम साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी मरीना का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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