उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का राष्ट्रगान के दौरान कार्यक्रम स्थल से कथित तौर पर चले जाने का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद सिद्धार्थनगर में कांग्रेस ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महाना ने अपनी सफाई में कहा है कि गार्ड ऑफ ऑनर के स्थान पर राष्ट्रगान नहीं बजाया गया था। सोमवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता सिद्धार्थनगर सदर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर वायरल वीडियो की सत्यता की जांच, कार्यक्रम की उपलब्ध वीडियो फुटेज सुरक्षित करने और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ता मामले में एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े रहे। यह घटना उन्नाव के पूरन नगर स्थित एसवीएम इंटर कॉलेज में हुई बताई जा रही है। शनिवार को यहां प्रधानाचार्य परिषद के अधिवेशन और शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज कार्यक्रम में पुलिस ने प्रोटोकॉल के तहत महाना को गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिसके बाद राष्ट्रगान शुरू हुआ। वायरल वीडियो में सतीश महाना राष्ट्रगान के दौरान तिरंगे को सलामी देते और हाथ जोड़ते हुए मंच के पीछे जाते दिख रहे हैं। कुछ दूरी पर मौजूद समर्थक उनके पास पहुंचते हैं और पैर छूते हैं। इसके बाद महाना कार में बैठकर वहां से रवाना हो जाते हैं। यह वीडियो रविवार को सामने आया, जिसके बाद इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आयोजकों ने कहा- राष्ट्रगान दूसरी जगह बज रहा था कार्यक्रम आयोजकों की ओर से दैनिक भास्कर को बताया गया कि जिस स्थान पर सतीश महाना मौजूद थे, राष्ट्रगान वहां से काफी दूर बजाया जा रहा था। वहीं सतीश महाना ने भी मामले पर सफाई दी है। उनका कहना है कि जिस जगह उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, वहां राष्ट्रगान नहीं बजाया गया था। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार किसी गणमान्य व्यक्ति को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के दौरान राष्ट्रगान नहीं बजाया जाता। महाना ने यह भी कहा कि राष्ट्रगान कार्यक्रम स्थल के दूसरे स्थान पर बजाया गया था और उस समय वह उस जगह मौजूद नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाने वालों से कहा कि क्या किसी कार्यक्रम स्थल से गुजरते समय, जहां राष्ट्रगान बज रहा हो, हर व्यक्ति रुककर सावधान की मुद्रा में खड़ा हो जाता है। सिद्धार्थनगर कांग्रेस ने जांच के साथ कार्रवाई की मांग की इधर, सिद्धार्थनगर कांग्रेस ने महाना की सफाई के बावजूद पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि राष्ट्रगान देश के सम्मान, गौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण को लेकर वीडियो सामने आया है तो उसकी वास्तविकता जांच के जरिए सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति का राजनीतिक या व्यक्तिगत अपमान नहीं करना चाहती, लेकिन राष्ट्रगान और संविधान की गरिमा से जुड़े मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। कांग्रेस ने उपलब्ध फुटेज सुरक्षित कराने और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की भी मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर सड़क पर उतरकर जनआंदोलन की चेतावनी दी गई।
उन्नाव कांग्रेस ने भी उठाए सवाल उन्नाव कांग्रेस नेता दिनेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने प्रोटोकॉल के तहत गार्ड ऑफ ऑनर लिया और इसके बाद राष्ट्रगान के दौरान वहां से चले गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह राष्ट्रगान का अपमान नहीं है। कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से भी वीडियो को लेकर सवाल उठाए गए और आरोप लगाया गया कि राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष वहां से चले गए।

