Criminal Saddam Bihari: राजस्थान पुलिस का ध्येय वाक्य है‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर।’ लेकिन जिले में सामने आए एक वीडियो ने इस ध्येय वाक्य पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। 25 हजार रुपए के इनामी और कई मामलों में वांछित हार्डकोर अपराधी सद्दाम उर्फ बिहारी का पुलिस कस्टडी में एक दुकान पर नाश्ता करते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि सद्दाम उर्फ बिहारी को हाल ही में कुण्डेरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी कई आपराधिक मामलों में पुलिस को वांछित था और उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी सिलसिले में कुण्डेरा थाना पुलिस उसे गंगापुर सिटी लेकर गई थी, जहां न्यायालय में पेशी के बाद उसे पुलिस रिमांड पर लिया।
पुलिस सुरक्षा में दुकान पर हुआ नाश्ता
पुलिस रिमांड की कार्रवाई के बाद सद्दाम को वापस लाते समय पुलिस टीम मलारना डूंगर क्षेत्र में एक दुकान पर रुकी। इस दौरान सद्दाम को भी पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चाय-नाश्ता कराते हुए वीडियो बनाया। वीडियो में आरोपी पुलिस अभिरक्षा में दुकान पर बैठा नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। सद्दाम के एक समर्थक ने इस वीडियो को सोशल मीडिया स्टेटस पर भी लगाया था। मामला तूल पकड़ने के बाद वीडियो को स्टेटस से हटा दिया। हालांकि तब तक वीडियो कई लोगों तक पहुंच चुका था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस कस्टडी में सुविधाएं देने पर सवाल
पुलिस की ओर से किसी हार्डकोर अपराधी को गिरफ्तार करने के बाद उसकी सुरक्षा और निगरानी को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है। ऐसे में पुलिस अभिरक्षा के दौरान आरोपी का सार्वजनिक स्थान पर रुकना और वहां चाय-नाश्ता करना कई सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब आरोपी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हों और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया हो। वीडियो के सामने आने के बाद लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि पुलिस कस्टडी में किसी आरोपी को दुकान पर रोकने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या इस दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर ले जाने की अनुमति किस स्तर पर दी गई? हालांकि इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एएसआई को करनी थी शॉपिंग
मामले को लेकर सवाईमाधोपुर जिले के कुण्डेरा थानाधिकारी दिलीप वर्मा ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि सद्दाम बिहारी को शुक्रवार को गंगापुर सिटी न्यायालय में पेश किया था। वापस लौटते समय पुलिस टीम के एएसआई को शॉपिंग करनी थी, जिसके चलते टीम एक दुकान पर रुकी। संबंधित दुकानदार की ओर से पुलिसकर्मियों को चाय-नाश्ता कराया था। इसी दौरान सद्दाम बिहारी को भी चाय पिलाई गई। पुलिस अधिकारी ने इसे किसी विशेष सुविधा या वीआईपी ट्रीटमेंट के तौर पर दिए जाने से इनकार किया है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
सद्दाम बिहारी के खिलाफ दर्ज मामलों और उस पर घोषित इनाम को देखते हुए पुलिस अभिरक्षा में बरती गई सावधानी का मुद्दा महत्वपूर्ण है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

