Amish Tripathi Social Media Reaction: राईटर अमीश त्रिपाठी ने अपनी आध्यात्मिक जर्नी को लेकर खुलकर बात की है। शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में बातचीत के दौरान अमीश से पूछा गया कि वो नास्तिक से आस्तिक कब और कैसे बने। इसके जवाब में उन्होंने अपनी पहली किताब ‘इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ लिखने के दौरान के अनुभव को याद किया।
अमीश ने बताया कि जब उन्होंने अपनी पहली किताब लिखनी शुरू की, उस वक्त वो नौकरी में थे। किताब लिखते-लिखते उनका झुकाव धीरे-धीरे आस्था की तरफ बढ़ने लगा। उन्होंने कहा कि अगर उनके जैसे किसी व्यक्ति को दोबारा आस्था की तरफ लाया जा सकता है, तो भगवान शिव से बेहतर इसके लिए कोई नहीं हो सकता।
‘लिखते-लिखते आस्था की तरफ खिंचता चला गया’
अमीश त्रिपाठी ने बताया कि ‘इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ लिखने के दौरान उनके भीतर काफी बदलाव आया। उन्होंने कहा, “लिखते-लिखते मैं धीरे-धीरे आस्था की तरफ खिंचता चला गया।” उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके जैसे व्यक्ति को आस्था की ओर वापस लाना हो तो भगवान शिव से बेहतर कोई नहीं हो सकता।
अमीश ने ये भी बताया कि उनके एक युवा पाठक ने भगवान शिव को ‘गॉड्स का कूल गॉड’ बताया था। उनके मुताबिक, आज की युवा पीढ़ी भी भगवान शिव की ओर आकर्षित होती है।
‘शिव को लेकर युवाओं में भी आकर्षण’
इस बातचीत के दौरान अमीश ने भगवान शिव को लेकर युवाओं की दिलचस्पी का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आजकल के बच्चे भी भगवान शिव से आकर्षित होते हैं और ‘जय शंभु’ जैसे जयकारे लगाते हैं।
अमीश ने ये भी कहा कि खून होने के बाद व्यक्ति की “सारी चक्षुएं” अंदर से खुल जाती हैं। हालांकि, इस हिस्से में उन्होंने अपने विचार आध्यात्मिक संदर्भ में रखा। अमीश त्रिपाठी शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में पहुंचे थे, जहां दोनों के बीच कहानियों, विचारों और कुछ अनपेक्षित पलों को लेकर बातचीत हुई। शो की ओर से शेयर किए गए प्रोमो के मुताबिक, ये बातचीत काफी अलग-अलग विषयों को समेटे हुए थी।
अमीश के बयान पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया
अमीश त्रिपाठी की इस बातचीत का एक हिस्सा सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए इसे “अंध भक्ति का परफेक्ट उदाहरण” बताया। वहीं, दूसरे यूजर ने भगवान शिव को स्मोकिंग करते हुए दिखाने से जुड़े एक पुराने संदर्भ का जिक्र किया और सवाल उठाया कि क्या अमीश ने उस चित्रण पर आपत्ति जताई थी या नहीं।
एक अन्य यूजर ने शिवलिंग की पूजा को लेकर अपनी राय साझा की, जबकि एक कमेंट में अमीश को “जोकर” भी कहा गया। यानी उनके बयान पर सोशल मीडिया पर समर्थन के साथ-साथ आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं।

