मेरठ में पुलिस ऑफिस में पीटे गए किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव रविवार को लखनऊ पहुंचे। लखनऊ में दोनों लोगों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की है। अखिलेश यादव ने यहां प्रेसवार्ता के दरम्यान दोनों पीड़ितों को मीडिया के सामने पेश किया।
इसके बाद पीड़ित मोहित जाटव, दिग्विजय भाटी ने भी अपनी बात रखी। अखिलेश यादव बोले कप्तान की हिम्मत कौन बढ़ा रहा
ये भाटी, गुर्जर नेता आए हैं। पुलिस कप्तान ने क्या व्यवहार किया इनके साथ। आखिर पुलिस कप्तान की हिम्मत कौन बढ़ा रहे हैं? दूसरे राज्यों के माफिया आकर आपके प्रदेश में गोली चला रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि दूसरे प्रदेश का माफिया आकर के 18 गोली मार रहा है। नाम भी तो देखो। दिग्विजय भाटी ने बताया पूरा वाकया…
19 अगस्त को हमें कप्तान मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय ने फोन पर हमें मिलने बुलाया था। मोहित जाटव से उनकी बात हुई थी, उन्होंने कहा था कि मिलने आ जाइए। हमसे मुलाकात होने पर उन्होंने कहा कि जाटव हो तुम क्या मुझसे कहा कि तू गुर्जर है। इसके बाद कहा कि तुम तो साले बदमाश हो, तुम तो साले चोरी करते हो, उन्होंने हर बात पर साले का शब्द यूज किया।
उनसे हाथ जोड़कर हमने कहा कि सर हमारा अपमान मत करिए. उन्होंने कहा कि आज तुम्हें नेता बनाता हो। पकड़कर अंदर केबिन होता है उनके पर्सनल और वहां ले जाने के बाद हमें फोन से हाथों से कोहनियों से बुरी तरह से पीटा। जैसे ही मैंने पैर पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने एकदम लात मारी मेरी आंख में और मेरी आंख फूट गई। कहा कि तुम्हें बनाऊंगा नेता, तुम अखिलेश जी से मिलकर आए हो न लखनऊ में और ये मोहित को भी पीटा। मेरी आंख फूट गई उसमें से लगातार खून बह रहा था।
हमारे पैर रस्सी से बांधकर उल्टा लटकाकर हमें डंडों से पीटा। हमने पीने को पानी मांगा तो बोतल के ढक्कन में पानी लेकर हमारे मुंह पर फेंक दिया। कहा कि हमारा अब तक मेडिकल नहीं कराया गया। हम दोनों लोग उसी दिन से बहुत परेशान घूम रहे हैं।
हमें केवल इसलिए पीटा गया क्योंकि हम दलित, गुर्जर हैं। पीडीए से आते हैं इसलिए वो हमसे चिढ़ते हैं। केवल अतुल प्रधान और अखिलेश यादव भइया ने हमारा साथ दिया है। हम चाहते हैं कि कप्तान व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। मोहित जाटव बोला हमारे एनकाउंटर की धमकी दी
मोहित जाटव ने कहा कि मैंने अखिलेश भइया से मिलने के बाद बाहर जाकर एक बाइट दी थी। तो अविनाश पांडेय ने कहा कि तुम तो चमार हो तुमने बाइट दी थी तुझे नेता बनाऊंगा चमारों में, उन्होंने हम दोनों के कपड़े निकालकर हमें बहुत मारा। हम दोनों को मुंह पर कपड़ा डालकर एसओजी ऑफिस ले गए गाड़ी में बैठाकर फिर वहां हमें बहुत ज्यादा पीटा।
देर रात को किसी तरह विधायक अतुल प्रधान आए हमें मान मनोव्वल करके किसी तरह वो अपने साथ लेकर गए। तब जाकर हमारी जान बची है अन्यथा वहां थाने पर हमें बीच में बैठाकर हमारा एनकाउंटर करने की तैयारी थी, कहा गया कि हमारा एनकाउंटर करेंगे।

