Kangana Ranaut On Rejecting Awards: बॉलीवुड से राजनीति में कदम रखने वाली कंगना रनौत अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। फिल्मों से लेकर राजनीति तक, वो कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं। अब पत्रकार सुधीर चौधरी के साथ बातचीत में कंगना ने अपने करियर, भविष्य की राजनीति और बॉलीवुड में वापसी को लेकर कई दिलचस्प बातें कही हैं। इस दौरान उन्होंने अवॉर्ड्स को लेकर भी ऐसा दावा किया, जिसने एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।
10 साल बाद खुद को कहां देखती हैं कंगना?
बातचीत के दौरान कंगना से पूछा गया कि क्या वह आने वाले वर्षों में खुद को एक बड़ी राजनेता के तौर पर देखती हैं या फिर दोबारा पूरी तरह फिल्म इंडस्ट्री में लौटने का इरादा रखती हैं। इस पर कंगना ने कहा कि मौजूदा दौर में भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कहना आसान नहीं है। उनके मुताबिक राजनीति हो या कोई दूसरा करियर, आज हर क्षेत्र में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
हालांकि, कंगना ने यह साफ किया कि राजनीति में उनका सफर किसी डर की वजह से नहीं चल रहा है। अगर भविष्य में उन्हें चुनाव का टिकट नहीं मिलता या राजनीतिक भूमिका बदलती है, तो भी उनके पास करने के लिए बहुत कुछ है।
‘मैं फिल्ममेकर हूं, मुझे अपना काम पसंद है’
कंगना ने बातचीत में अपनी फिल्मी पहचान को भी मजबूती से सामने रखा। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं हैं, बल्कि फिल्ममेकर और राइटर भी हैं। उनका अपना प्रोडक्शन हाउस है और वह अपनी फिल्मों के जरिए लंबे समय से अलग तरह का काम करने की कोशिश करती रही हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर वह अभिनय की दुनिया में वापस लौटना चाहें तो उनके लिए काम की कमी नहीं होगी। कंगना के मुताबिक कई निर्देशक अब भी उनके साथ काम करना चाहते हैं और उनसे पूछते हैं कि आखिर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी क्यों बनाई।
अवॉर्ड्स को लेकर कंगना का बड़ा दावा
कंगना ने अपने करियर के उस दौर को भी याद किया जब उन्होंने कई अवॉर्ड समारोहों में जाने से इनकार कर दिया था। उनका दावा है कि एक समय ऐसा था जब उन्हें लगातार बड़ी संख्या में फोन आते थे और उन्हें अवॉर्ड लेने के लिए मनाने की कोशिश की जाती थी।
कंगना ने यहां तक दावा किया कि कुछ बड़ी कंपनियों के CEO तक उनसे मिलने उनके घर पहुंचे थे। कंगना ने कहा- बड़ी बड़ी कंपनियों के CEO मेरे घर आकर गिड़गिड़ाते थे कि प्लीज अवॉर्ड ले लीजिए। उनके मुताबिक, इन लोगों की चिंता यह थी कि अगर कंगना ने अवॉर्ड स्वीकार नहीं किया तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। कंगना ने कहा कि उन्होंने उस समय अवॉर्ड समारोहों और कुछ बड़े फिल्म बैनरों से दूरी बनाने का फैसला किया था।
‘छोटे लोगों के साथ काम करके बड़ी सफलता दी’
कंगना ने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा बड़े नामों पर निर्भर रहने के बजाय नए और कम चर्चित लोगों के साथ काम करने की कोशिश की। उनके अनुसार, ‘क्वीन’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपेक्षाकृत छोटी टीम के साथ काम किया और फिल्म को बड़ी सफलता मिली।
कंगना ने ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ और ‘इमरजेंसी’ जैसी फिल्मों में बतौर फिल्ममेकर अपनी भूमिका का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने ‘टीकू वेड्स शेरू’ और ‘भारत भाग्य विधाता’ जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस करने की बात भी कही।
बॉलीवुड में वापसी का रास्ता खुला
कंगना की बातों से साफ है कि राजनीति उनकी मौजूदा जिंदगी का अहम हिस्सा जरूर है, लेकिन उन्होंने सिनेमा से अपना रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं किया है। वो आज भी खुद को एक अभिनेत्री, लेखक और फिल्ममेकर के तौर पर देखती हैं। ऐसे में आने वाले समय में अगर कंगना फिर से बड़े पर्दे पर सक्रिय होती हैं, तो यह उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा।




