राजस्थानी-कारोबारी के यूक्रेन में प्लांट पर 18-महीने में दूसरा अटैक:रूस ने 8 ड्रोन हमले किए; चचेरा भाई बोला-संडे था तो जानें बचीं, प्रोडक्शन ठप

राजस्थानी-कारोबारी के यूक्रेन में प्लांट पर 18-महीने में दूसरा अटैक:रूस ने 8 ड्रोन हमले किए; चचेरा भाई बोला-संडे था तो जानें बचीं, प्रोडक्शन ठप

रूस-यूक्रेन वॉर में भारतीय कारोबारी राजीव गुप्ता की कंपनी कुसुम फार्मास्युटिकल के प्लांट पर 18 महीने में दूसरी बार हमला हुआ है। सूमी शहर (यूक्रेन) में फैक्ट्री पर 4 अक्टूबर को ड्रोन हमला हुआ। कंपनी का दावा है कि रूस की ओर से उनके प्लांट पर एक-एक कर 8 ड्रोन हमले किए गए। इससे दवा बनाने का हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पूरी तरह तबाह हो गया है। हमले में इंजीनियर की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। राजीव गुप्ता के चचेरे भाई राजकुमार गुप्ता ने बताया- जब फैक्ट्री पर हमला हुआ, तब राजीव यूक्रेन की राजधानी कीव में थे। गनीमत रही कि संडे (4 अक्टूबर) था। इसलिए फैक्ट्री में काफी कम मजदूर थे, वरना जनहानि ज्यादा हो सकती थी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अब 22 देशों में कारोबार करने वाली कंपनी ठप होने के कगार पर पहुंच चुकी है। 14 अप्रैल 2025 को भी एक रूसी ड्रोन ने जानबूझकर कंपनी के गोदाम को उड़ा दिया था। 22 देशों में कंपनी करती है दवा सप्लाई राजकुमार गुप्ता बताते हैं- सूमी स्थित प्लांट में फैक्ट्री और कैम्पस है। ये 5 हजार वर्गगज में फैला हुआ है। यहां दवाएं बनाने का काम होता था। इसमें ज्यादातर कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रोलॉजी की दवाएं बनती हैं। कुसुम फार्मा एक भारतीय फार्मास्युटिकल निर्यातक कंपनी है। यह यूक्रेन सहित 22 देशों में दवाओं का निर्यात करती है। 2009 में लगाई थी फैक्ट्री राजीव गुप्ता ने 2009 में यूक्रेन के सूमी में दवा बनाने की फैक्ट्री शुरू की थी। इसके बाद भारत में दो और प्रोडक्शन यूनिट शुरू की गईं। कुसुम फार्मा 50 से ज्यादा ब्रांड की जेनेरिक दवाएं बनाती है। इनमें टैबलेट, कैप्सूल और लिक्विड दवाएं शामिल हैं। कंपनी के प्रोडक्ट यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, फिलीपींस और दूसरे देशों में भी बिकते हैं। कंपनी का कारोबार 9 से ज्यादा देशों में है। भारत में कंपनी की प्रोडक्शन यूनिट राजस्थान के भिवाड़ी और मध्य प्रदेश के पीथमपुर, इंदौर में भी हैं। कुसुम हेल्थकेयर खुद को भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी बताती है। कंपनी का कारोबार भारत की दवाओं के डिस्ट्रीब्यूशन से शुरू हुआ था। बाद में उसने यूक्रेन में खुद दवाओं का उत्पादन शुरू किया। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भी सूमी की यह फैक्ट्री काम करती रही थी। अब रूसी ड्रोन हमले में इसकी मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और फैक्ट्री का मुख्य काम रुक गया है। … हमले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन में भरतपुर के कारोबारी की दवा-फैक्ट्री पर ड्रोन हमला:रूस के अटैक में इंजीनियर की मौत, 400 करोड़ का नुकसान; 2009 में शुरू की थी रूस ने यूक्रेन के सूमी शहर में भारतीय कारोबारी राजीव गुप्ता (57) की दवा बनाने वाली फैक्ट्री पर ड्रोन से हमला कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

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