राजवी-आक्या साथ आए, जाड़ावत के बयान पर विधायक का पलटवार:बोले- पहले अपने गिरेबान में झांके, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिसोदिया से मारपीट किसी से छिपी नहीं

राजवी-आक्या साथ आए, जाड़ावत के बयान पर विधायक का पलटवार:बोले- पहले अपने गिरेबान में झांके, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिसोदिया से मारपीट किसी से छिपी नहीं

चित्तौड़गढ़ में निकाय चुनाव से पहले भाजपा की सियासत में नया समीकरण बनता नजर आ रहा है। पूर्व विधायक नरपत सिंह राजवी से मुलाकात के बाद निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने उन्हें अपना ‘गार्डियन’ बताते हुए साथ मिलकर चुनाव लड़ने का संदेश दिया। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत पर हमला बोलते हुए आक्या ने उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार, वसूली और गुंडागर्दी के आरोप लगाए। जाड़ावत के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा- पहले अपने गिरेबान में झांकें, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया से मारपीट किसी से छिपी नहीं है। आक्या ने कहा कि भाजपा संगठन के फैसले के साथ खड़ी रहेगी और निकाय चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। निकाय चुनाव से पहले भाजपा के पूर्व विधायक नरपत सिंह राजवी और निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या साथ नजर आए। मुलाकात के बाद आक्या ने राजवी को अपना बड़ा भाई और ‘गार्डियन’ बताया। उन्होंने कहा कि सांसद सीपी जोशी, राजवी, जिला अध्यक्ष और पूरी भाजपा टीम मिलकर नगर परिषद, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव लड़ेगी। टिकट का फैसला संगठन करेगा और सभी नेता उसके फैसले के साथ रहेंगे। राजवी के साथ बैठक में मनमुटाव खत्म करने का संदेश राजवी और आक्या के बीच विधानसभा चुनाव के बाद से मनमुटाव की चर्चा थी। बैठक में बस्सी मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह खड़ीबावड़ी और प्रदीप काबरा भी मौजूद रहे। राजवी के कामकाज पर सवालों को लेकर पूछे जाने पर आक्या ने कहा कि वे वरिष्ठ नेता हैं और उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि पहले भी राजवी के नेतृत्व में काम किया है और आगे भी साथ काम करेंगे। जाड़ावत पर आक्या का सीधा हमला कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत पर आक्या ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जाड़ावत विकास की बात करने के बजाय पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें। आक्या ने भाजपा के समय हुए फोरलेन रोड, हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज, पीएचईडी की योजनाओं और रिवर फ्रंट जैसे कामों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का विजन विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर है। भ्रष्टाचार और वसूली के लगाए आरोप आक्या ने जाड़ावत के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, लूट, वसूली और गुंडागर्दी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यूआईटी और नगर परिषद में एजेंट बैठाकर वसूली की जाती थी और जमीनों पर कब्जे होते थे। उन्होंने कहा कि शहर का बच्चा-बच्चा उस दौर के हालात जानता है। सिसोदिया से मारपीट का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया से मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए आक्या ने कहा कि यह किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले अपने गिरेबान में झांकें, फिर भाजपा पर सवाल उठाएं। साथ ही कहा कि भाजपा के कार्यकाल में सरकारी कार्यालयों में एजेंट बैठाकर वसूली नहीं होती और ऐसा कोई उदाहरण हो तो सामने लाया जाए। टिकट में जीतने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता निकाय चुनाव में टिकट वितरण पर आक्या ने कहा कि भाजपा जीतने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता देगी। सामान्य सीट पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को प्राथमिकता होगी, लेकिन मजबूत उम्मीदवार होने पर संगठन दूसरे वर्ग के व्यक्ति पर भी फैसला कर सकता है। अंतिम निर्णय संगठन का होगा और सभी कार्यकर्ताओं को उसे स्वीकार करना होगा। आक्या ने कहा कि टिकट की उम्मीद रखना गलत नहीं है, लेकिन सभी को टिकट नहीं मिल सकता। संगठन कार्यकर्ताओं की क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी देने की कोशिश करेगा। 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ने के दिए संकेत 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर आक्या ने कहा कि पार्टी मौका देगी तो वे चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल उनकी प्राथमिकता नगर परिषद, पंचायत समिति और जिला परिषद में भाजपा का बोर्ड बनाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद सीपी जोशी, नरपत सिंह राजवी, जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। राजवी के साथ बैठक और आक्या के बयानों से निकाय चुनाव से पहले भाजपा की एकजुटता का संदेश गया है। वहीं, जाड़ावत और कांग्रेस पर सीधे हमलों से चित्तौड़गढ़ में चुनावी मुकाबला और तेज होता नजर आ रहा है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *