भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कारोबारियों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। दो दिन में ही 2298 नोटिस जारी हो चुके हैं, जबकि अब तक निगम कुल 3316 नोटिस दे चुका है। निगम के मुताबिक, 62 हजार से ज्यादा ऐसी प्रॉपर्टी लिस्टेड की गई है, जो रहवासी इलाके में हैं और कारोबार हो रहा है। 5 अगस्त से पहले तक 1018 रहवासियों को नोटिस दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद निगम ने सर्वे का दायरा बढ़ाया और पूरे शहर में सर्वे शुरू किया। 5 से 12 अगस्त तक 1163, जबकि 13 अगस्त को 1135 नोटिस और दिए गए। यहां सबसे ज्यादा नोटिस
5 अगस्त के बाद नरेला विधानसभा में 746 नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं, गोविंदपुरा में 361, हुजूर में 452, दक्षिण-पश्चिम में 190, मध्य में 395 और उत्तर विधानसभा में 154 नोटिस दिए जा चुके हैं। शुक्रवार को भी कार्रवाई जारी रहेगी। दूसरे उल्लंघनों की जांच भी
नए सर्वे में भवन से जुड़े दूसरे उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। अर्बन प्लानिंग के विशेषज्ञों के मुताबिक यदि समय पर मास्टर प्लान आता तो रहवासियों और कारोबारियों के सामने यह स्थिति नहीं खड़ी होती। रहवासी और व्यावसायिक इलाके अलग-अलग चिह्नित बनाए जाते। सख्ती के बाद शहर के उन इलाकों के कारोबारियों में दहशत है, जो रहवासी इमारतों में दुकानें चला रहे हैं। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन, लालघाटी समेत जैसे इलाकों में दुकानदार नोटिस के बाद कमर्शियल इलाकों में दुकानें तलाश रहे हैं। अनुमति के विपरीत निर्माण व कारोबार की जांच
संपत्ति कर रिकॉर्ड के आधार पर 62 हजार 500 संपत्तियां चिन्हित हुई हैं। हालांकि, नोटिस देने का आंकड़ा 1 लाख तक पहुंच सकता है, क्योंकि गली-मोहल्लों में भी दुकानें खुल गई हैं। मुख्य मार्गों से सर्वे, नदी-तालाब किनारे भी जांच
निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवन प्राथमिकता से जांचे जाएंगे। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाएंगे।


