बुलंदशहर में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में टिकट को लेकर खींचतान तेज हो गई है। पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है, जिससे मौजूदा विधायकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिले की विभिन्न विधानसभा सीटों पर नए और पुराने दावेदारों की बढ़ती सक्रियता ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अनूपशहर विधानसभा सीट पर सांसद डॉ. महेश शर्मा के करीबी माने जाने वाले जिला महामंत्री दीपक दुल्हेरा ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। इसके अतिरिक्त, बुलंदशहर के एक प्रतिष्ठित चिकित्सक भी इस सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। शिकारपुर विधानसभा सीट पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन और सहकारी बैंक के अध्यक्ष व पूर्व जिलाध्यक्ष डीके शर्मा ने दावेदारी पेश की है। इनकी सक्रियता ने मौजूदा जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ा दी है। सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर भाजपा हाईकमान के करीबी माने जाने वाले युवा नेता अर्जुन सिंह ने अपनी दावेदारी जताई है। इससे इस सीट के चुनावी समीकरणों में बदलाव की संभावना है। स्याना विधानसभा से पूर्व विधायक अनिता लोधी और डिबाई सीट से पूर्व मंत्री राजीव लोधी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने भी मौजूदा विधायकों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। बुलंदशहर सदर सीट पर मुकाबला हाई-प्रोफाइल हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया ने इस सीट से दावेदारी कर सदर विधायक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक अन्य चौंकाने वाला नाम पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह की बेटी वाशु चौधरी का सामने आया है। हाल ही में न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देने वाली वाशु चौधरी भी इस सीट से चुनाव लड़ने की संभावना रखती हैं। खुर्जा विधानसभा सीट पर सांसद महेश शर्मा की करीबी रंजना सिंह एडवोकेट की सक्रियता ने वर्तमान विधायक के खेमे में हलचल मचा दी है। इन सभी दावेदारियों को देखते हुए, बुलंदशहर में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा हाईकमान को गहन विचार-विमर्श करना होगा। गुटबाजी में बंटे जिला संगठन और असंतुष्ट खेमों को एकजुट रखना पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

