TET परीक्षा के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे दतिया के शिक्षकों को मुरैना के दिमनी टोल के पास रोक दिया गया। शिक्षकों का आरोप है कि सेवढ़ा और डीपार थाना पुलिस ने करीब 150 किलोमीटर तक बस का पीछा करने के बाद उन्हें रोका और वापस लौटा दिया। इसके बाद शिक्षक सेवढ़ा लौट आए। सभी टीचर्स ने तहसील परिसर में धरना देकर दिल्ली में चल रहे TET विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। टीचर्स ने बताया कि बस में सवार कर्मचारियों को रात में अंबाह में रोका गया। यहां उन्होंने रातभर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें आंदोलन से वापस लौटने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। शिक्षकों के अनुसार, सुबह बस को सीज करने की कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद बस मालिक से संपर्क किया गया। बस वापस बुला ली गई। इसके बाद शिक्षक सेवढ़ा लौट आए। सेवढ़ा में धरना देकर दिल्ली प्रदर्शन का समर्थन सेवढ़ा पहुंचने के बाद शिक्षकों ने तहसील परिसर में धरना दिया। उन्होंने दिल्ली में चल रहे TET विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार पर कर्मचारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
एक टीचर ने सरकार के कर्मचारियों के प्रति रवैये को दमनकारी बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को रोकने के प्रयासों के बावजूद उनकी मांगों की आवाज दिल्ली तक पहुंच चुकी है। चार बसों के दिल्ली पहुंचने का दावा शिक्षकों ने दावा किया कि जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी आंदोलन के लिए निकले थे और चार बसें पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से आंदोलनकारियों को रोकने के बजाय उनकी बात सुनने की मांग की।

