‘यह लोकतंत्र का खून है’, ‘फ्रेंडशिप फाइल’ ऑडियो क्लिप पर राज ठाकरे का हमला, फडणवीस सरकार से पूछे तीखे सवाल

‘यह लोकतंत्र का खून है’, ‘फ्रेंडशिप फाइल’ ऑडियो क्लिप पर राज ठाकरे का हमला, फडणवीस सरकार से पूछे तीखे सवाल

500 Crore Audio Clip: महाराष्ट्र में वायरल हो रही कथित ‘फ्रेंडशिप फाइल’ ऑडियो क्लिप को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने बीजेपी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर क्लिप में कथित बातचीत, 500 करोड़ रुपये के जिक्र, मीडिया पर दबाव बनाने और धार्मिक ध्रुवीकरण की रणनीति से जुड़े आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी।

राज ठाकरे के मुताबिक, करीब 29 मिनट की इस कथित ऑडियो क्लिप में बीजेपी के कुछ पदाधिकारियों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी और खुद को निष्पक्ष राजनीतिक विश्लेषक बताने वाले कुछ यूट्यूब इन्फ्लुएंसर्स के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत में 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से लेकर मीडिया पर दबाव बनाने और सरकार के खिलाफ किसी भावनात्मक मुद्दे से जनता का ध्यान हटाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण करने जैसे विषयों पर चर्चा सुनाई देती है।

‘500 करोड़ के मुद्दे पर जवाब आना चाहिए’

राज ठाकरे ने कहा कि ऑडियो क्लिप में 500 करोड़ रुपये से जुड़े कथित जिक्र को लेकर स्पष्टीकरण सामने आना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मामले की चर्चा केवल कथित लेन-देन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इस बात पर भी बहस होनी चाहिए कि बीजेपी पर सोशल मीडिया और प्रेस को प्रभावित करने के लिए दबाव बनाने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी सच्चाई क्या है।

फॉरेंसिक जांच पर फडणवीस सरकार को घेरा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने की बात पर राज ठाकरे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑडियो और वीडियो की प्रामाणिकता जांचना जरूरी है, लेकिन क्लिप में कही गई गंभीर बातों की जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। राज ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि अगर मुख्यमंत्री को बातचीत में कही गई बातों की जानकारी नहीं थी, तो उन्हें यह भी पता लगाना चाहिए कि उनके पीछे क्या चल रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्लिप की सच्चाई जांचने के साथ-साथ उसमें लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल होनी चाहिए।

‘दो साल पुरानी क्लिप अब क्यों सामने आई?’

राज ठाकरे ने क्लिप के कथित तौर पर दो साल पुरानी होने की बात पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर यह रिकॉर्डिंग इतनी पुरानी है, तो इसे अब सार्वजनिक क्यों किया गया? उनके मुताबिक, यह जानना भी जरूरी है कि क्लिप सामने कैसे आई और इसे किसने सार्वजनिक किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि फॉरेंसिक जांच की तकनीकी प्रक्रिया के नाम पर मामले को लंबा खींचने के बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

‘महाराष्ट्र को गोल-गोल मत घुमाइए’

राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री से निष्पक्षता साबित करने और मामले में कार्रवाई करके दिखाने की मांग की। उनका कहना है कि केवल जांच का आदेश देना पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और दोष सामने आने पर क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वायरल ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में फॉरेंसिक जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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