मार्केट रेट कमेटी की पहली बैठक के बाद जिला कलक्टर स्वप्निल खरे ने दी जानकारी
मोरबी. जिले में ट्रांसमिशन लाइन के कार्य से प्रभावित किसानों को अधिक मुआवजा दिया जाएगा। राज्य सरकार के 4 जुलाई 2026 के नए प्रस्ताव के तहत पहली बार मार्केट रेट कमेटी (एमआरसी) की बैठक आयोजित की गई। जिला कलक्टर स्वप्निल खरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रभावित जमीनों के नए भाव निर्धारित किए गए।
जिला कलक्टर स्वपनिल खरे ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि हलवद तहसील के वेगड़वाव गांव में किसान प्रतिनिधियों, कंपनी प्रतिनिधियों और मूल्यांकनकर्ताओं की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से करीब 15 सर्वे नंबरों के भाव तय किए गए। कलक्टर, कंपनी और किसानों के मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा बंद लिफाफों में दिए गए भावों में से लॉटरी पद्धति से यादृच्छिक रूप से दो पर्चियां चुनी गईं और इसी आधार पर बाजार दर निर्धारित की गई।
चार गुना से अधिक राशि मिलेगी
नई एनआरसी नीति के तहत किसानों को 400 प्रतिशत से अधिक तक मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हुआ है। उदाहरण के तौर पर वेगड़वाव गांव के सर्वे नंबर 150 में से 9 के लिए पुरानी पद्धति के तहत प्रति वर्ग मीटर 979 रुपये की दर से किसान को करीब 14.57 लाख रुपए मिलते। वहीं, नई एमआरसी कमेटी ने दर 1,945 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय की है। इसके तहत 200 प्रतिशत के हिसाब से किसान को करीब 58.61 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। यानी किसान को पहले की तुलना में चार गुना से अधिक राशि मिलेगी। इसके अलावा, ट्रांसमिशन लाइन के कार्य के दौरान हुए फसल नुकसान का मुआवजा भी सरकार के नियमों के अनुसार अलग से दिया जाएगा।
किसान ने जताई खुशी
एमआरसी कमेटी के फैसले को लेकर वेगड़वाव गांव के किसान भावेश चावड़ा ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कमेटी के इस निर्णय से उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके तीन सर्वे नंबरों से ट्रांसमिशन लाइन के खंभे और तार गुजर रहे हैं। इनमें एक सर्वे नंबर के लिए 15.50 लाख रुपए के बजाय 44.50 लाख रुपए, दूसरे में 9 लाख रुपए के बजाय 10 लाख रुपए और तीसरे सर्वे नंबर में 17 लाख रुपए के बजाय 40 लाख रुपये का मुआवजा मिलने वाला है। उन्होंने नए निर्णय पर खुशी और संतोष व्यक्त किया।


