मोतिहारी के डीएम सौरभ सुमन यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात ने मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित डेडिकेटेड मालखाने का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मालखाने में रखे जब्त नशीले पदार्थों, वाहनों और अन्य सामानों की स्थिति की बारीकी से जांच की। इस दौरान रजिस्टर में दर्ज विवरण का मौके पर मौजूद सामान से मिलान किया गया। रजिस्टर की एंट्री से जब्त सामानों का मिलान निरीक्षण के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त गांजा, शराब, वाहनों और अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित सामग्री की जांच की गई। डीएम और एसपी ने केस से संबंधित सामानों की एंट्री और उनकी वास्तविक स्थिति का मिलान किया। जांच में रिकॉर्ड और सामान के बीच मिलान पाए जाने पर अधिकारियों ने संतोष जताया। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती डीएम और एसपी ने मालखाना प्रभारी को निर्देश दिया कि जब्त सामानों को सुरक्षित रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक सामान की पहचान स्पष्ट रहे और उसके साथ केस नंबर, संबंधित थाना और जब्ती की तारीख दर्ज हो। नशीले पदार्थों के निस्तारण में तेजी के निर्देश अधिकारियों ने एनडीपीएस समेत अन्य मामलों में जब्त नशीले पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। कोर्ट के आदेश के बाद नियमानुसार जब्त सामग्री के डिस्पोजल की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सीसीटीवी-अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त रखें मालखाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और आग बुझाने वाले यंत्रों की व्यवस्था की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी आपात स्थिति में जब्त सामान को सुरक्षित रखा जा सके। नियमित ऑडिट कराने का निर्देश एसपी ने मालखाना प्रभारी को जब्त सामानों का नियमित ऑडिट कराने को कहा। डीएम ने कहा कि सरकारी संपत्ति और जब्त सामग्री की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मोतिहारी के डीएम सौरभ सुमन यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात ने मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित डेडिकेटेड मालखाने का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मालखाने में रखे जब्त नशीले पदार्थों, वाहनों और अन्य सामानों की स्थिति की बारीकी से जांच की। इस दौरान रजिस्टर में दर्ज विवरण का मौके पर मौजूद सामान से मिलान किया गया। रजिस्टर की एंट्री से जब्त सामानों का मिलान निरीक्षण के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त गांजा, शराब, वाहनों और अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित सामग्री की जांच की गई। डीएम और एसपी ने केस से संबंधित सामानों की एंट्री और उनकी वास्तविक स्थिति का मिलान किया। जांच में रिकॉर्ड और सामान के बीच मिलान पाए जाने पर अधिकारियों ने संतोष जताया। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती डीएम और एसपी ने मालखाना प्रभारी को निर्देश दिया कि जब्त सामानों को सुरक्षित रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक सामान की पहचान स्पष्ट रहे और उसके साथ केस नंबर, संबंधित थाना और जब्ती की तारीख दर्ज हो। नशीले पदार्थों के निस्तारण में तेजी के निर्देश अधिकारियों ने एनडीपीएस समेत अन्य मामलों में जब्त नशीले पदार्थों के निस्तारण की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। कोर्ट के आदेश के बाद नियमानुसार जब्त सामग्री के डिस्पोजल की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सीसीटीवी-अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त रखें मालखाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और आग बुझाने वाले यंत्रों की व्यवस्था की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी आपात स्थिति में जब्त सामान को सुरक्षित रखा जा सके। नियमित ऑडिट कराने का निर्देश एसपी ने मालखाना प्रभारी को जब्त सामानों का नियमित ऑडिट कराने को कहा। डीएम ने कहा कि सरकारी संपत्ति और जब्त सामग्री की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

