मोतिहारी में नागपंचमी के अवसर पर पारंपरिक महाबीरी झंडा जुलूस श्रद्धा और उत्साह के साथ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जिले के विभिन्न इलाकों में निकाले गए जुलूसों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात खुद शहर की सड़कों पर पैदल मार्च करते नजर आए। दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया और मौके पर तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रहे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती जुलूस को लेकर जिले के संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और अन्य अधिकारियों की तैनाती की गई थी। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जहां-जहां महाबीरी झंडा जुलूस निकाला गया, वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। डीएम ने की भाईचारा बनाए रखने की अपील जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाएं और किसी भी तरह की समस्या या विवाद की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने लोगों से निर्भीक होकर पर्व में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। अखाड़ा समितियों के सहयोग की सराहना सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि सभी जुलूसों पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई थी। उन्होंने अखाड़ा समितियों के सहयोग की भी सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, गड़बड़ी की आशंका होने पर समितियों के सदस्यों ने खुद पुलिस को तत्काल सूचना दी, जिससे स्थिति को नियंत्रित रखने में काफी मदद मिली। धारदार हथियार और जलती मशाल हटवाई गई प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत जुलूस में कुछ लोगों के पास मौजूद धारदार हथियारों को जब्त किया। इसके अलावा कुछ लोग लुकाठी यानी जलती मशाल लेकर चल रहे थे, जिन्हें भी सुरक्षा के मद्देनजर हटवा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मोतिहारी में नागपंचमी के अवसर पर पारंपरिक महाबीरी झंडा जुलूस श्रद्धा और उत्साह के साथ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जिले के विभिन्न इलाकों में निकाले गए जुलूसों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात खुद शहर की सड़कों पर पैदल मार्च करते नजर आए। दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग जुलूस मार्गों का निरीक्षण किया और मौके पर तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रहे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती जुलूस को लेकर जिले के संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और अन्य अधिकारियों की तैनाती की गई थी। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जहां-जहां महाबीरी झंडा जुलूस निकाला गया, वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। डीएम ने की भाईचारा बनाए रखने की अपील जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाएं और किसी भी तरह की समस्या या विवाद की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने लोगों से निर्भीक होकर पर्व में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। अखाड़ा समितियों के सहयोग की सराहना सदर एसडीओ अरुण कुमार और सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि सभी जुलूसों पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई थी। उन्होंने अखाड़ा समितियों के सहयोग की भी सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, गड़बड़ी की आशंका होने पर समितियों के सदस्यों ने खुद पुलिस को तत्काल सूचना दी, जिससे स्थिति को नियंत्रित रखने में काफी मदद मिली। धारदार हथियार और जलती मशाल हटवाई गई प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत जुलूस में कुछ लोगों के पास मौजूद धारदार हथियारों को जब्त किया। इसके अलावा कुछ लोग लुकाठी यानी जलती मशाल लेकर चल रहे थे, जिन्हें भी सुरक्षा के मद्देनजर हटवा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

