मुंगेर जिले के तारापुर बाजार में श्रावणी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। सावन की तीसरी सोमवारी की देर शाम लगभग 8:30 बजे एसएच-22 पर स्थित तारापुर बाजार में करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह जाम शहीद चौक से शांतिनगर तक फैल गया। कांवड़ियों की बसों, निजी चारपहिया वाहनों, ई-रिक्शा, ऑटो, ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण यातायात बाधित रहा। तारापुर पुलिस को जाम खुलवाने में काफी प्रयास करने पड़े। कई बार वाहनों की लंबी कतारों के कारण यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों और देवघर जा रहे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। बाजार में खरीदारी के लिए आए लोग भी प्रभावित हुए। भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद बालू लदे वाहनों की आवाजाही जारी रहने से भी समस्या बढ़ी है। यह भी जाम का एक प्रमुख कारण रहा। कुछ दिनों पहले अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था, लेकिन सड़क किनारे फिर से सब्जी, फल और अन्य दुकानें लग गई हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों को भी सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है। प्रशासन ने पहले यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने का दावा किया था। हालांकि, इस लंबे जाम ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंगेर जिले के तारापुर बाजार में श्रावणी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। सावन की तीसरी सोमवारी की देर शाम लगभग 8:30 बजे एसएच-22 पर स्थित तारापुर बाजार में करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह जाम शहीद चौक से शांतिनगर तक फैल गया। कांवड़ियों की बसों, निजी चारपहिया वाहनों, ई-रिक्शा, ऑटो, ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण यातायात बाधित रहा। तारापुर पुलिस को जाम खुलवाने में काफी प्रयास करने पड़े। कई बार वाहनों की लंबी कतारों के कारण यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों और देवघर जा रहे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। बाजार में खरीदारी के लिए आए लोग भी प्रभावित हुए। भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद बालू लदे वाहनों की आवाजाही जारी रहने से भी समस्या बढ़ी है। यह भी जाम का एक प्रमुख कारण रहा। कुछ दिनों पहले अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था, लेकिन सड़क किनारे फिर से सब्जी, फल और अन्य दुकानें लग गई हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों को भी सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है। प्रशासन ने पहले यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने का दावा किया था। हालांकि, इस लंबे जाम ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

