मोतिहारी में कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देने और शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मोतिहारी पुलिस सभागार में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला में महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसमें कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति के गठन, उसकी जिम्मेदारियों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। डीएम बोले- सुरक्षित माहौल देना संस्थानों की जिम्मेदारी कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, एसपी स्वर्ण प्रभात समेत अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों को प्रेरणादायक पुस्तकें भी भेंट की गईं। जिला मिशन समन्वयक निधि कुमारी और गांधी फेलो नेहा कुमारी ने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सभी सरकारी और निजी संस्थानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने POSH Act के बनने की पृष्ठभूमि और इसके प्रावधानों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। हर कार्यस्थल पर आंतरिक शिकायत समिति बनाने पर जोर डीएलएसए के सचिव ने कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति के गठन की जरूरत बताई। उन्होंने समिति की भूमिका और शिकायत मिलने के बाद अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यशाला में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को बताया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की ओर से यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका निवारण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता की गोपनीयता और उसके अधिकारों को लेकर भी जानकारी दी गई। एसपी बोले- महिला सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि POSH Act केवल कागज पर बना नियम नहीं है, बल्कि कामकाजी महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से अधिनियम के प्रावधानों को समझने और अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। अधिवक्ता और जेंडर स्पेशलिस्ट ने समझाए कानूनी प्रावधान कार्यशाला में पैनल अधिवक्ता दीपक कुमार और जेंडर स्पेशलिस्ट निर्भय कुमार ने POSH Act 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति के गठन, समिति के दायित्व, शिकायत दर्ज करने और उसके निवारण की प्रक्रिया के बारे में बताया। पुलिस विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों ने बड़ी संख्या में कार्यशाला में भाग लिया। प्रतिभागियों ने शिकायत समिति से जुड़े प्रावधानों और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों की जानकारी ली। SHE Box पोर्टल की दी जानकारी, क्विज में 5 प्रतिभागी सम्मानित कार्यक्रम के अंत में जिला परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र राम ने SHE Box पोर्टल के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। सही जवाब देने वाले पांच प्रतिभागियों को वाटर बोतल देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को POSH Act से संबंधित गाइडलाइन, पंपलेट, फाइल, डायरी, पेन और कॉफी मग भी दिए गए। मोतिहारी में कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देने और शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मोतिहारी पुलिस सभागार में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला में महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसमें कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति के गठन, उसकी जिम्मेदारियों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। डीएम बोले- सुरक्षित माहौल देना संस्थानों की जिम्मेदारी कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, एसपी स्वर्ण प्रभात समेत अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों को प्रेरणादायक पुस्तकें भी भेंट की गईं। जिला मिशन समन्वयक निधि कुमारी और गांधी फेलो नेहा कुमारी ने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सभी सरकारी और निजी संस्थानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने POSH Act के बनने की पृष्ठभूमि और इसके प्रावधानों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। हर कार्यस्थल पर आंतरिक शिकायत समिति बनाने पर जोर डीएलएसए के सचिव ने कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति के गठन की जरूरत बताई। उन्होंने समिति की भूमिका और शिकायत मिलने के बाद अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यशाला में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को बताया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की ओर से यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका निवारण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता की गोपनीयता और उसके अधिकारों को लेकर भी जानकारी दी गई। एसपी बोले- महिला सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि POSH Act केवल कागज पर बना नियम नहीं है, बल्कि कामकाजी महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से अधिनियम के प्रावधानों को समझने और अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। अधिवक्ता और जेंडर स्पेशलिस्ट ने समझाए कानूनी प्रावधान कार्यशाला में पैनल अधिवक्ता दीपक कुमार और जेंडर स्पेशलिस्ट निर्भय कुमार ने POSH Act 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति के गठन, समिति के दायित्व, शिकायत दर्ज करने और उसके निवारण की प्रक्रिया के बारे में बताया। पुलिस विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों ने बड़ी संख्या में कार्यशाला में भाग लिया। प्रतिभागियों ने शिकायत समिति से जुड़े प्रावधानों और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों की जानकारी ली। SHE Box पोर्टल की दी जानकारी, क्विज में 5 प्रतिभागी सम्मानित कार्यक्रम के अंत में जिला परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र राम ने SHE Box पोर्टल के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। सही जवाब देने वाले पांच प्रतिभागियों को वाटर बोतल देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को POSH Act से संबंधित गाइडलाइन, पंपलेट, फाइल, डायरी, पेन और कॉफी मग भी दिए गए।

