मोतिहारी में खाद कालाबाजारी पर छापेमारी, SAO की भूमिका संदिग्ध:DM-SP के निर्देश पर हुई कार्रवाई, कृषि पदाधिकारी ने अवैध गोदाम को बताया था वैध

मोतिहारी में खाद कालाबाजारी पर छापेमारी, SAO की भूमिका संदिग्ध:DM-SP के निर्देश पर हुई कार्रवाई, कृषि पदाधिकारी ने अवैध गोदाम को बताया था वैध

मोतिहारी में डीएम-एसपी के निर्देश पर खाद कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी की गई। बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक पर सुनील कुमार उर्फ लड्डू के गोदाम पर गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई हुई। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, बंजरिया बीडीओ, बी ए ओ और बंजरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची थी। गोदाम मालिक के आने का छह घंटे इंतजार किया गया। ताला खुलने के बाद अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ने तुरंत गोदाम मालिक को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा कि वहां सब कुछ ठीक है। कृषि पदाधिकारी ने अवैध गोदाम को बताया वैध दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने जिस गोदाम को सही बताया था, वह गोदाम ही अवैध निकला। भास्कर रिपोर्टर ने एसएओ के दावे के बाद जांच शुरू की। सुनील कुमार उर्फ लड्डू के लाइसेंस की जानकारी ली गई। पता चला कि यह लाइसेंस पहले मिथिला कुमार और सुनील कुमार के नाम पर होलसेल खाद दुकान का था। लाइसेंस धारक की मौत के बाद यह सस्पेंड हो गया था। कृषि विभाग ने 11 नवंबर को इस लाइसेंस को फिर से सुनील कुमार उर्फ लड्डू के नाम पर रिन्यू किया। इसमें तीन गोदामों पर खाद भंडारण की अनुमति दी गई थी। SAO की मिलीभगत से चल रही कालाबाजारी इनमें पहला गोदाम एकडरी, छौड़ादानो (पोस्ट ऑफिस-छौड़ादानो, थाना-छौड़ादानो) में है। दूसरा गोदाम मानसपुरी, आजाद नगर (पोस्ट ऑफिस-मोतिहारी, थाना-मोतिहारी टाउन, ब्लॉक-मोतिहारी) में है। तीसरा गोदाम भी एकडरी, छौड़ादानो (पोस्ट ऑफिस-छौड़ादानो, थाना-छौड़ादानो) में है। सवाल यह है कि जब छापेमारी बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक स्थित गोदाम पर हुई, जो इन तीन अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं है, तो अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने उसे वैध कैसे बता दिया? भास्कर रिपोर्टर की आगे की जांच में पता चला कि एसएओ की मिलीभगत से खाद की कालाबाजारी का पूरा खेल चल रहा है। उन्होंने बिना जांच के ही गोदाम को क्लीन चिट दे दी थी, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है। उस स्थिति में भास्कर की जांच के बाद उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। अगर उनकी भूमिका संदिग्ध नहीं होती, खाद माफियाओं से मिले नहीं होते तो बिना जांच के इतना बड़ा बयान नहीं देते। गनीमत की बात यह रही कि वरीय अधिकारी को इसकी सूचना हो गई थी, उन्होंने गोदाम को सील करने का आदेश दिया, नहीं तो एसएओ उस गोदाम को वैध साबित कर मीडिया को अपना बयान देकर सब सेट कर चुके थे। एक-एक बोरा खाद की होगी गिनती भास्कर की पड़ताल में जैसे ही इस बात का खुलासा हुआ, उसके बाद सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बंजरिया सीओ को मजिस्ट्रेट के रूप में बहाल कर एक-एक बोरा खाद की गिनती कराने का निर्देश दिया है, जिसके बाद से खाद माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। एसडीओ ने साफ शब्दों में कहा कि अन्न दाता के लिए आए खाद का एक रत्ती भी किसी को कालाबाजारी नहीं करने देंगे, जब जब इसकी जानकारी मुझे मिलेगी मैं उतना तेज कार्रवाई करुंगा। मोतिहारी में डीएम-एसपी के निर्देश पर खाद कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी की गई। बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक पर सुनील कुमार उर्फ लड्डू के गोदाम पर गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई हुई। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, बंजरिया बीडीओ, बी ए ओ और बंजरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची थी। गोदाम मालिक के आने का छह घंटे इंतजार किया गया। ताला खुलने के बाद अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ने तुरंत गोदाम मालिक को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा कि वहां सब कुछ ठीक है। कृषि पदाधिकारी ने अवैध गोदाम को बताया वैध दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने जिस गोदाम को सही बताया था, वह गोदाम ही अवैध निकला। भास्कर रिपोर्टर ने एसएओ के दावे के बाद जांच शुरू की। सुनील कुमार उर्फ लड्डू के लाइसेंस की जानकारी ली गई। पता चला कि यह लाइसेंस पहले मिथिला कुमार और सुनील कुमार के नाम पर होलसेल खाद दुकान का था। लाइसेंस धारक की मौत के बाद यह सस्पेंड हो गया था। कृषि विभाग ने 11 नवंबर को इस लाइसेंस को फिर से सुनील कुमार उर्फ लड्डू के नाम पर रिन्यू किया। इसमें तीन गोदामों पर खाद भंडारण की अनुमति दी गई थी। SAO की मिलीभगत से चल रही कालाबाजारी इनमें पहला गोदाम एकडरी, छौड़ादानो (पोस्ट ऑफिस-छौड़ादानो, थाना-छौड़ादानो) में है। दूसरा गोदाम मानसपुरी, आजाद नगर (पोस्ट ऑफिस-मोतिहारी, थाना-मोतिहारी टाउन, ब्लॉक-मोतिहारी) में है। तीसरा गोदाम भी एकडरी, छौड़ादानो (पोस्ट ऑफिस-छौड़ादानो, थाना-छौड़ादानो) में है। सवाल यह है कि जब छापेमारी बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक स्थित गोदाम पर हुई, जो इन तीन अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं है, तो अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने उसे वैध कैसे बता दिया? भास्कर रिपोर्टर की आगे की जांच में पता चला कि एसएओ की मिलीभगत से खाद की कालाबाजारी का पूरा खेल चल रहा है। उन्होंने बिना जांच के ही गोदाम को क्लीन चिट दे दी थी, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है। उस स्थिति में भास्कर की जांच के बाद उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। अगर उनकी भूमिका संदिग्ध नहीं होती, खाद माफियाओं से मिले नहीं होते तो बिना जांच के इतना बड़ा बयान नहीं देते। गनीमत की बात यह रही कि वरीय अधिकारी को इसकी सूचना हो गई थी, उन्होंने गोदाम को सील करने का आदेश दिया, नहीं तो एसएओ उस गोदाम को वैध साबित कर मीडिया को अपना बयान देकर सब सेट कर चुके थे। एक-एक बोरा खाद की होगी गिनती भास्कर की पड़ताल में जैसे ही इस बात का खुलासा हुआ, उसके बाद सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बंजरिया सीओ को मजिस्ट्रेट के रूप में बहाल कर एक-एक बोरा खाद की गिनती कराने का निर्देश दिया है, जिसके बाद से खाद माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। एसडीओ ने साफ शब्दों में कहा कि अन्न दाता के लिए आए खाद का एक रत्ती भी किसी को कालाबाजारी नहीं करने देंगे, जब जब इसकी जानकारी मुझे मिलेगी मैं उतना तेज कार्रवाई करुंगा।  

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