चित्रकूट दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने आरोपी पति को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट चित्रकूट अनुराग कुरील ने आरोपी भोला यादव निवासी मिर्जापुर, थाना सरधुवा को 25 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। फैसला शुक्रवार 18 सितंबर को सुनाया गया। पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2023 को रामलखन ने सरधुवा थाने में शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी बहन निर्मला को पति भोला यादव अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। शिकायत में यह भी आरोप था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर जान से मार दिया गया। सूचना के आधार पर सरधुवा थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी शीतला प्रसाद पांडेय ने की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 12 जून 2023 को आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से मामले की लगातार पैरवी की गई। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए एसपी अरुण कुमार सिंह ने निर्देश दिए थे। इसी क्रम में सरधुवा प्रभारी निरीक्षक शिवआसरे, पैरोकार आरक्षी अशोक कुमार और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी उपनिरीक्षक कमल किशोर की टीम ने मामले की पैरवी की। वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी बहस की। पुलिस के अनुसार, पैरवी और अभियोजन की प्रस्तुति के आधार पर अदालत ने आरोपी भोला यादव को दोषी मानते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

