मुंगेर में शनिवार को दुर्गा मंदिरों के पट खुलते ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से देर शाम तक शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी, छोटी दुर्गा महारानी, बड़ी काली और छोटी काली मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। बेकापुर, गुलजार पोखर, बाटा चौक और पूरबसराय समेत विभिन्न स्थानों पर भी मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बरियारपुर, हवेली खड़गपुर, जमालपुर, तारापुर, असरगंज, संग्रामपुर, टेटियाबंबर और धरहरा में भी पूजा-अर्चना को लेकर उत्साह रहा। शहर के आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। ‘बड़ी माता की महिमा अपरंपार’ शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में पूजा करने पहुंचे अधिवक्ता संतोष पटेल ने कहा कि वे देश की समस्याओं के समाधान की कामना लेकर माता के दरबार में आए हैं। वहीं, झारखंड से आईं महिला श्रद्धालु बंदना देवी, रूबी कुमारी और सुधा मिश्रा ने कहा कि बड़ी माता की महिमा अपरंपार है। यहां श्रद्धालु जो भी मन्नत मांगते हैं, उनकी मुरादें पूरी होती हैं। प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जवानों के साथ भारत स्काउट एवं गाइड के सदस्य तैनात रहे। इस बार मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं। शादीपुर स्थित मुख्य द्वार से पुरुष और महिला श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जा रहा है, जबकि तिलक मैदान स्थित दक्षिणी द्वार से निकासी की व्यवस्था की गई है। शहर के अलावा शंकरपुर, महुली, मय, चरौन, जानकीनगर, नौवागढ़ी, महादेवपुर, गढ़ीरामपुर, ईटहरी, बोचाही, महमदा, रतनपुर और बरईचक पाटम में भी माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटी। रामायण की थीम पर बना आकर्षक पंडाल बड़ी दुर्गा मंदिर के कोड़ा मैदान चौक पर रामायण की थीम पर आकर्षक पंडाल बनाया गया है। जिले के अन्य पूजा पंडालों को भी सजाया गया है। इससे शहर में उत्सवी माहौल है। मंदिर परिसर में आचार्य पंडित दिनेश चंद्र झा और अखिलेश झा ने बताया कि मिथिला पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि रविवार, 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे शुरू होगी और सोमवार, 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। निशा बलि पूजा के बाद मंदिरों में डलिया चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। मुंगेर में शनिवार को दुर्गा मंदिरों के पट खुलते ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से देर शाम तक शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी, छोटी दुर्गा महारानी, बड़ी काली और छोटी काली मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। बेकापुर, गुलजार पोखर, बाटा चौक और पूरबसराय समेत विभिन्न स्थानों पर भी मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बरियारपुर, हवेली खड़गपुर, जमालपुर, तारापुर, असरगंज, संग्रामपुर, टेटियाबंबर और धरहरा में भी पूजा-अर्चना को लेकर उत्साह रहा। शहर के आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। ‘बड़ी माता की महिमा अपरंपार’ शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में पूजा करने पहुंचे अधिवक्ता संतोष पटेल ने कहा कि वे देश की समस्याओं के समाधान की कामना लेकर माता के दरबार में आए हैं। वहीं, झारखंड से आईं महिला श्रद्धालु बंदना देवी, रूबी कुमारी और सुधा मिश्रा ने कहा कि बड़ी माता की महिमा अपरंपार है। यहां श्रद्धालु जो भी मन्नत मांगते हैं, उनकी मुरादें पूरी होती हैं। प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जवानों के साथ भारत स्काउट एवं गाइड के सदस्य तैनात रहे। इस बार मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं। शादीपुर स्थित मुख्य द्वार से पुरुष और महिला श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जा रहा है, जबकि तिलक मैदान स्थित दक्षिणी द्वार से निकासी की व्यवस्था की गई है। शहर के अलावा शंकरपुर, महुली, मय, चरौन, जानकीनगर, नौवागढ़ी, महादेवपुर, गढ़ीरामपुर, ईटहरी, बोचाही, महमदा, रतनपुर और बरईचक पाटम में भी माता के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटी। रामायण की थीम पर बना आकर्षक पंडाल बड़ी दुर्गा मंदिर के कोड़ा मैदान चौक पर रामायण की थीम पर आकर्षक पंडाल बनाया गया है। जिले के अन्य पूजा पंडालों को भी सजाया गया है। इससे शहर में उत्सवी माहौल है। मंदिर परिसर में आचार्य पंडित दिनेश चंद्र झा और अखिलेश झा ने बताया कि मिथिला पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि रविवार, 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे शुरू होगी और सोमवार, 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। निशा बलि पूजा के बाद मंदिरों में डलिया चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।

