कोटा में एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में किसी ने अपनी बेटी, बहन और भाभी को खो दिया तो किसी ने अपनी चाची, बुआ और फूफा को। मध्यप्रदेश के भोपाल से कुछ दोस्त और रिश्तेदार खाटूश्यामजी दर्शन के लिए निकले थे। शनिवार सुबह के समय सभी लोग गाड़ी में सो रहे थे। कोटा में धमाके की आवाज के साथ उनकी नींद खुली और चीख पुकार मच गई। उनकी गाड़ी पुलिया से 15 फीट नीचे गिरी गई थी। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए। घायल ने बताया- पुलिया से गाड़ी गिरने पर धमाके जैसी आवाज आई। कुछ देर तो होश ही नहीं रहा। 5 मिनट बाद होश आया तो हाईवे पर जाकर मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं रुका। कुछ देर बाद एक ट्रक ड्राइवर रुका और मदद की। इसके बाद पुलिस पहुंची और क्रेन की मदद से फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला और हॉस्पिटल पहुंचाया। भास्कर ने हादसे में घायल हुए लोगों से बात की। पढ़िए- घायलों की आपबीती हादसे के 5 मिनट बाद होश आया, ट्रक ड्राइवरों ने मदद की टेंपो ट्रैवलर में सवार मोनीष ने बताया- शुक्रवार (16 अक्टूबर) को हम सभी लोग भोपाल में इकट्ठा हुए। वहां से टेंपो ट्रैवलर को किराए पर किया था। शाम 7:30 बजे के आस-पास खाटूश्यामजी के लिए रवाना हुए थे। भोपाल से रवाना होने के बाद रास्ते में दो बार रुके थे। रात 12 से 1 बजे के बीच खाना खाया था। मोनीष ने बताया- मैं गाड़ी की आखिरी सीट पर सो रहा था। दो कजिन भी साथ थे। शनिवार सुबह (17 अक्टूबर) 5.40 बजे के करीब हादसा हो गया। 5 मिनट बाद होश आया तो चीखने-चिल्लाने की आवाज आ रही थी। परिवार के लोग गाड़ी में फंसे थे। पीछे का कांच तोड़कर उन्हें निकालने लगा। हाईवे पर जाकर मदद मांगी, लेकिन कोई भी नहीं रुका। मैंने 100 नंबर और रिश्तेदारों को कॉल लगाने की कोशिश की, लेकिन कॉल बार-बार डिस्कनेक्ट हो रही थी। लोकेशन भी शेयर नहीं हो रही थी। कुछ देर बाद एक ट्रक ड्राइवर रुका और मदद की। उसने दूसरे ट्रक ड्राइवरों को भी रुकवाया। मैं ट्रक ड्राइवरों के साथ पुलिया के नीचे उतरा और सभी रिश्तेदारों को बाहर निकाला। ट्रक वालों की मदद के कारण सभी व्यवस्थाएं फटाफट होने लगी। बाद में पुलिस, एंबुलेंस और क्रेन भी मौके पर पहुंची। गाड़ी के आगे के हिस्से में फंसे लोग निकल नहीं पाए तो उनको क्रेन की मदद से बाहर निकाला। एंबुलेंस से घायलों को हॉस्पिटल ले जाया गया। हादसे मे मेरी चाची, बुआ, दोनों फूफा, बुआ की बेटी की मौत हो गई। ड्राइवर तेज स्पीड में चला रहा था गाड़ी हादसे में घायल चेतन ने बताया- दोस्त और उसके रिश्तेदारों के साथ खाटूश्यामजी के दर्शन करने जा रहा था। ड्राइवर स्पीड में गाड़ी चला रहा था। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे थे तो झटके लग रहे थे। आगे बैठे भैया ने एक-दो बार ड्राइवर को गाड़ी धीरे चलाने के लिए भी कहा था, फिर भी वो स्पीड में गाड़ी चला रहा था। सुबह के समय ड्राइवर को नींद आ गई और गाड़ी बेकाबू होकर पुलिया के नीचे गिर गई। हादसे के बाद नींद खुली तो चीख-पुकार मची हुई थी। सभी लहूलुहान थे। हादसे में बेटी, बहन और भाभी की मौत घायल महिला दिल्लू बोरखे ने बताया- हादसे में बेटी त्रिशा, बहन अनीता और भाभी अरुणा को खो दिया। हादसे के लिए ड्राइवर को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि गाड़ी स्पीड में चल रही थी। घायल आकांक्षी ने बताया- मैं अपने भाई के साथ पीछे की सीट पर बैठी थी। ड्राइवर को नींद आ रही थी। इसके बावजूद वो गाड़ी स्पीड में चला रहा था। इसके बाद अचानक ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरा। — हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान- मिनी बस एक्सप्रेसवे से नाले में गिरी, 8 मौतें:सभी MP के रहने वाले, खाटूश्याम मंदिर जा रहे थे; घायलों को खिड़की तोड़कर निकाला राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक ट्रैंपो ट्रैवलर (मिनी बस) पुलिया से गिर गया। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। (पढ़िए पूरी खबर)

