Ekta Kapoor On Hinduphobia: निर्माता एकता कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में हिंदू धर्म, धार्मिक प्रतीकों और भारतीय लोककथाओं को लेकर होने वाली धारणाओं पर खुलकर बात की है। रणवीर इलाहाबादिया के शो ‘द रणवीर शो’ में बातचीत के दौरान एकता ने कहा कि इंडस्ट्री में हिंदू धर्म से जुड़ी चीजों को लेकर अब भी एक तरह का डर या पूर्वाग्रह देखने को मिलता है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘द ववान’ के संदर्भ में भारतीय लोककथाओं और पौराणिक कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने की अपनी सोच भी साझा की।
‘इंडस्ट्री में हिंदूफोबिया है’
एकता कपूर ने रणवीर अल्लाहबादिया के साथ बातचीत के दौरान कहा कि वह कैमरे के सामने यह बात कहने से नहीं हिचकेंगी कि इंडस्ट्री में हिंदूफोबिया मौजूद है। उनके मुताबिक, लोग एनिमेशन को आसानी से स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन जब भारतीय लोककथाओं और पौराणिक कथाओं को सीधे तौर पर चर्चा या कहानी का हिस्सा बनाने की बात आती है, तो कई बार अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
एकता ने कहा कि वह ऐसी कहानियों को पर्दे पर लाने को लेकर सहज हैं और चाहती हैं कि दर्शक भारतीय लोककथाओं और पौराणिक कथाओं से जुड़ी कहानियों को खुले मन से स्वीकार करें।
तिलक लगाने पर सुननी पड़ी थी बातें
एकता कपूर ने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए बताया कि जब वह छोटी थीं और तिलक लगाया करती थीं, तब भी उन्हें लोगों की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने उनसे पूछा था कि वह इस तरह क्यों कपड़े पहनती हैं और उन्हें ‘फ्रीक’ तक कहा गया।

एकता ने सवाल उठाया कि माथे पर तिलक लगाना या हाथ में धार्मिक धागा पहनना आखिर किसी को अजीब कैसे बना देता है। बातचीत के दौरान रणवीर इलाहाबादिया ने यह भी बताया कि लोगों ने एकता को ‘तांत्रिक’ तक कहा था।
मंदिर जाने पर भी हुआ था सवाल
एकता ने एक और अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह एक बार मंदिर जाने के बाद क्लब गई थीं। वहां किसी ने उनसे पूछा कि क्या वह मंदिर होकर आई हैं। एकता ने इस सवाल पर हैरानी जताते हुए कहा कि हां, वह मंदिर गई थीं और इसमें चौंकने जैसी क्या बात है।
उनके मुताबिक, समय के साथ समाज में सोच बदल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मायनों में वह अपने समय से आगे थीं और अब वह खुद भी बदलते दौर के साथ ज्यादा आधुनिक नजरिए को अपना रही हैं।
‘द वीवन’ में लोककथा को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश
एकता कपूर की फिल्म ‘द ववान’ भारतीय लोककथा से प्रेरित कहानी के तौर पर चर्चा में रही है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
फिल्म ने अब तक दुनियाभर में करीब 90 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की है और अभी भी सिनेमाघरों में चल रही है। एकता के मुताबिक, उनका प्रयास भारतीय जड़ों, लोककथाओं और पौराणिक संदर्भों से जुड़ी कहानियों को ज्यादा बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है। उनके ताजा बयान के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में धार्मिक प्रतीकों और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों को लेकर बहस शुरू हो गई है।

