महाराष्ट्र में उठेगा सियासी तूफान? रोहित पवार का दावा- स्टिंग ऑपरेशन में घोटाला बेनकाब, बड़े मंत्री को देना पड़ेगा इस्तीफा

महाराष्ट्र में उठेगा सियासी तूफान? रोहित पवार का दावा- स्टिंग ऑपरेशन में घोटाला बेनकाब, बड़े मंत्री को देना पड़ेगा इस्तीफा

Rohit Pawar Sting Operation Education Scam: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए विवाद के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य के शिक्षा विभाग में बड़े घोटाले का दावा कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा है कि स्टिंग ऑपरेशन के जरिए शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक गंभीर घोटाला सामने आया है। इस मामले का खुलासा होने के बाद राज्य के एक बड़े मंत्री को इस्तीफा भी देना पड़ सकता है।

रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने अभी तक संबंधित मंत्री या घोटाले में शामिल लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने मंगलवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले को सामने लाने की बात कही है।

रोहित पवार आज करेंगे बड़ा खुलासा!

रोहित पवार ने अपनी पोस्ट में शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “एक तरफ छात्र दिन-रात मेहनत करके पढ़ाई करते हैं और उनके माता-पिता उनके उज्ज्वल भविष्य के सपने देखते हैं; तो दूसरी तरफ प्रशासनिक कुप्रबंधन और भ्रष्ट नेता उन सपनों को धूल में मिला देते हैं। शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला एक बेहद गंभीर घोटाला हमने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए उजागर किया है।”

उन्होंने दावा किया कि शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले एक बेहद गंभीर घोटाले का पता स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से लगाया गया है।

रोहित पवार ने कहा कि शिक्षा के नाम पर चल रहे इस कथित कारोबार का पर्दाफाश वह पत्रकार परिषद के जरिए करेंगे। उनके मुताबिक, मामला इतना गंभीर है कि इसके सामने आने के बाद राज्य के एक बड़े मंत्री को भी इस्तीफा देना पड़ सकता है। उन्होंने मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में मंगलवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की जानकारी दी है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रोहित पवार ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के विद्यार्थियों के आंदोलन का नेतृत्व किया था। पुणे में हुए इस आंदोलन में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए थे। महाविकास आघाड़ी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों को समर्थन दिया था।

कई दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद राज्य सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें स्वीकार करनी पड़ी थीं।

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