कमिश्नर भास्कर लाक्षाकार ने गुरुवार को मल्हारगंज तहसील एवं एसडीएम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व प्रकरणों के निराकरण, कार्यालयीन व्यवस्थाओं तथा लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने के मामले सामने आए। कमिश्नर ने तहसीलदार मल्हारगंज शेखर चौधरी, तत्कालीन तहसीलदार मल्हारगंज और वर्तमान तहसीलदार कनाडिया नारायण नादेडा तथा अपर तहसीलदार मल्हारगंज श्री लोकेश आहूजा के कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण में आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज नहीं किए जाने, प्रकरणों का ऑफलाइन संधारण, नस्तियों की सूची तैयार नहीं होने, राजस्व वसूली पत्रक, डायवर्सन एवं अर्थदंड पंजी उपलब्ध नहीं होने सहित अन्य कमियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान कुछ राजस्व प्रकरणों में आदेशिका में आवश्यक उल्लेख नहीं होने, आदेश पारित करने के बाद न्यायालय की सील नहीं लगाए जाने तथा आदेशों के अमल संबंधी प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति भी सामने आई। कुछ लंबित प्रकरणों को भौतिक रूप से भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए एक अन्य मामले में ग्राम भाग्या के सर्वे क्रमांक 182/1 से संबंधित नक्शा बंटाकन प्रकरण में आदेश पारित होने के बाद भी 12 दिवस तक आदेश का अमल नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस मामले में कलेक्टर वर्मा को संबंधित हल्का पटवारी लोकेश नंदलाल को निलंबित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों का नियमानुसार संधारण किया जाए। सभी राजस्व प्रकरणों की आरसीएमएस पोर्टल पर समयबद्ध रूप से प्रविष्टियां सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के अकाउंटेट को नोटिस उधर, कमिश्नर ने द्वारा शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय इंदौर के अकाउंटेंट विकास श्रीवास्तव को पदीय दायित्वों में लापरवाही पाये जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। केशबुक में मार्च 2026 के बाद की प्रविष्टियां भी दर्ज नहीं पाई गईं। उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत पाये जाने पर लेखापाल श्री विकास श्रीवास्तव को 7 दिवस में जवाब प्रस्तुत करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

