हरदोई। भाजपा ने गुरुवार रात 8 बजे क्षेत्रीय कार्यसमिति की घोषणा करते हुए हरदोई के वरिष्ठ नेता पीके वर्मा को अवध क्षेत्र का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सिफारिश के बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी गई। लंबे समय से संगठन और जनसेवा में सक्रिय पीके वर्मा को महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से उनके राजनीतिक कद में बढ़ोतरी मानी जा रही है। 2005 में शुरू किया राजनीतिक सफर पीके वर्मा ने वर्ष 2005 में विकासखंड हरियावां से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी। वर्ष 2007 में भाजपा ने उन्हें तत्कालीन हरियावां-बावन विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया। इसके बाद उन्होंने भाजपा हरदोई के जिला उपाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में भूमिका निभाई। संगठन में लगातार बढ़ती रही जिम्मेदारी वर्ष 2012 में पीके वर्मा केंद्रीय उपभोक्ता भंडार, हरदोई के चेयरमैन चुने गए। वर्ष 2013 में उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग का सदस्य बनाया गया। वर्ष 2015 में सांडी ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में उन्होंने संगठनात्मक रणनीति और जनसंपर्क क्षमता का परिचय दिया। इस दौरान उन्होंने अपनी अनुज वधु की जीत में अहम भूमिका निभाई। वर्ष 2016 से उन्होंने खुद को पार्टी संगठन के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया। वर्ष 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी के बावजूद अवसर नहीं मिलने पर भी उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में सक्रिय चुनाव प्रचार किया। 2020 में बने क्षेत्रीय मंत्री संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और निष्ठा को देखते हुए वर्ष 2020 में उन्हें भाजपा अवध क्षेत्र का क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया। वर्ष 2021 में उनकी पत्नी प्रेमावती भाजपा प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। वर्ष 2022 में उन्हें बिसवां विधानसभा का प्रभारी बनाया गया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने हरदोई में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं वर्ष 2022 से पीके वर्मा भाजपा अवध क्षेत्र अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्हें भाजपा राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया। अब अवध क्षेत्र का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही उनके लंबे संगठनात्मक सफर में एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जुड़ गई है।

