लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में गुरुवार को एनएसई के सहयोग से निवेशक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में सेबी प्रशिक्षक ऋषि कुमार गर्ग ने विद्यार्थियों को निवेश में जोखिम प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बचत के साथ निवेश की आदत जरूरी है। इक्विटी शेयरों से लाभांश और पूंजी मूल्य में बढ़ोतरी के जरिए रिटर्न मिल सकता है। विद्यार्थियों को ट्रेडिंग और दीर्घकालिक निवेश का अंतर, राइट्स शेयर, बीमा, शिक्षा ऋण और पूंजी बाजार में रोजगार के अवसरों के बारे में बताया। छात्रों के सवालों के जवाब व्यावहारिक उदाहरणों से दिए। निवेश के बढ़ते अवसरों पर चर्चा की दूसरे सत्र में वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. संजीव गुप्ता ने भारत की आर्थिक प्रगति और निवेश के बढ़ते अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने मेक इन इंडिया और पीएलआई योजना की जानकारी देते हुए कहा कि कृषि, वस्त्र, मत्स्य पालन और एक्वा उत्पादों में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ आय, बचत और निवेश की आदत विकसित करने की अपील की। सोना, चांदी, रियल एस्टेट, शेयर बाजार, एफडी, बॉण्ड और गोल्ड ईटीएफ जैसे विकल्पों की जानकारी देते हुए दीर्घकालिक निवेश और वित्तीय अनुशासन पर बात की। कार्यक्रम में अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. वीके सिंह, प्रो. अनामिका चौधरी, डॉ. अंजलि सिंह, डॉ. संदीप बालियान, डॉ. कौशल शर्मा, प्रो. विपिन पांडेय, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. नरेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. बृजेश राय, डॉ. अभिषेक पांडेय, डॉ. निशांत भोला और डॉ. विजय कुमार वर्मा समेत शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।

