मजदूर दिवस के अवसर पर जमुई में वामपंथी दलों ने शुक्रवार को एक पैदल मार्च निकाला। कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े नेताओं और मजदूरों ने शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए कचहरी चौक तक मार्च किया, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में मजदूरों ने इसमें भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के नेता बाबू साहब सिंह ने केंद्र सरकार से चार श्रम कानूनों और ई-श्रम से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस मजदूरों के संघर्ष और अधिकारों की याद दिलाता है, लेकिन आज भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। बिहारी मजदूर की कथित हत्या का मुद्दा भी उठाया नेताओं ने दिल्ली में एक बिहारी मजदूर की कथित हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा, आरोपी पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी और स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा देने की मांग की। न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग की उन्होंने बताया कि वैश्विक संघर्षों के बाद मजदूरों के लिए आठ घंटे काम का नियम तय हुआ था, लेकिन आज भी कई स्थानों पर उनसे अधिक काम लिया जा रहा है और उचित मजदूरी नहीं मिल रही। नेताओं ने सरकार से मजदूरों की सुरक्षा की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी लागू करने और कार्य के घंटे निर्धारित करने की मांग की। कार्यक्रम में कचहरी चौक पर दर्जनों मजदूर मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। मजदूर दिवस के अवसर पर जमुई में वामपंथी दलों ने शुक्रवार को एक पैदल मार्च निकाला। कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े नेताओं और मजदूरों ने शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए कचहरी चौक तक मार्च किया, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में मजदूरों ने इसमें भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के नेता बाबू साहब सिंह ने केंद्र सरकार से चार श्रम कानूनों और ई-श्रम से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस मजदूरों के संघर्ष और अधिकारों की याद दिलाता है, लेकिन आज भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। बिहारी मजदूर की कथित हत्या का मुद्दा भी उठाया नेताओं ने दिल्ली में एक बिहारी मजदूर की कथित हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा, आरोपी पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी और स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा देने की मांग की। न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग की उन्होंने बताया कि वैश्विक संघर्षों के बाद मजदूरों के लिए आठ घंटे काम का नियम तय हुआ था, लेकिन आज भी कई स्थानों पर उनसे अधिक काम लिया जा रहा है और उचित मजदूरी नहीं मिल रही। नेताओं ने सरकार से मजदूरों की सुरक्षा की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी लागू करने और कार्य के घंटे निर्धारित करने की मांग की। कार्यक्रम में कचहरी चौक पर दर्जनों मजदूर मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


