एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब और एसएएस नगर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान मोहाली के डेराबस्सी में हुई वारदात का मुख्य आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और उसकी गिरफ्तारी से ट्राइसिटी में एक बड़ी आपराधिक साजिश के टलने का दावा किया जा रहा है। पिंकू गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के हिसारे पर वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने के लिए हमारा अभियान जारी है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और समाज की शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में था पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर डेराबस्सी के पास घेराबंदी कर अजय पिंकू को दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक .32 बोर की विदेशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। गोल्डी बराड़ और मनदीप स्पेन से जुड़े तार प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू सीधे तौर पर विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और मनदीप उर्फ मनदीप स्पेन के संपर्क में था। पूछताछ में सामने आया है कि उसे ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकुला) क्षेत्र में कई ‘टारगेट’ दिए गए थे, जिन्हें वह अंजाम देने की योजना बना रहा था। 18 अप्रैल की वारदात का मुख्य आरोपी यह पूरी कार्रवाई 18 अप्रैल को डेराबस्सी में हुई एक घटना की जांच का हिस्सा है। थाना प्रभारी सुमित मोर ने बताया कि इस मामले में पुलिस पहले ही इसी गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चुकी थी। अजय पिंकू इस वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी से अब इस केस की कड़ियां पूरी तरह जुड़ गई हैं। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे हथियारों की सप्लाई कहाँ से हो रही थी और गैंग को फंडिंग कौन कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं


