‘बेटियों, छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा’:दिल्ली में प्रदर्शन पर बोले पप्पू यादव, कहा- हर जायज मांग, प्रोटेस्ट को पाकिस्तान से जोड़ना सरकार की आदत

‘बेटियों, छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा’:दिल्ली में प्रदर्शन पर बोले पप्पू यादव, कहा- हर जायज मांग, प्रोटेस्ट को पाकिस्तान से जोड़ना सरकार की आदत

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और विदेश नीति पर हमला बोला है। उन्होंने देश में युवा आंदोलन पर हो रहे दमन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। यादव ने नेपाल और बांग्लादेश में जेन जी (Gen Z) द्वारा सत्ता परिवर्तन में निभाई गई भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने इसकी तुलना भारत में चल रहे छात्र-युवा आंदोलनों से की। सांसद ने प्रोटेस्ट के दौरान हुए हमलों और पुलिस व असामाजिक तत्वों द्वारा युवतियों व प्रदर्शनकारियों पर की गई हिंसा को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने पीके (PK) पर भी निशाना साधा। नेपाल और बांग्लादेश में जेनजी की भूमिका और सरकार का दोहरा रवैया पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक परिवर्तनों का जिक्र किया, जहां जेनजी ने सड़कों पर उतरकर सत्ता तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी सरकार और नेपाल में युवा आंदोलनों के बाद उभरी राजनीतिक व्यवस्था को भारत सरकार समर्थन दे रही है या उनके साथ कूटनीतिक संबंध बना रही है, तो वही सरकार अपने ही देश में आवाज उठाने वाले युवाओं और जेनजी प्रदर्शनकारियों पर लाठियां क्यों बरसा रही है। उन्होंने कहा कि जब पड़ोसी देशों के युवा अधिकार और बदलाव की बात करते हैं तो उन्हें लोकतंत्र की ताकत माना जाता है, और सरकार उन्हें समर्थन देती है लेकिन जब भारत के युवा और बेटियां सड़कों पर उतरते हैं, तो उन्हें दबाने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी जाती है। प्रोटेस्ट के दौरान हुए हमले पर सांसद का बड़ा बयान राजधानी दिल्ली के जनतर पर प्रदर्शनों और विरोध आंदोलनों के दौरान हुई हिंसा पर ध्यान केंद्रित करते हुए पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश की बेटियों और युवा छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं के जायज आंदोलन को कुचलने के लिए 1 लाख 68 हज़ार सुरक्षा बल के जवानों को क्यों तैनात किया जा रहा है। पप्पू यादव ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी बेटियों के साथ थाने में अन्याय और बदसलूकी की गई। इसके अलावा बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों के असामाजिक तत्वों द्वारा विरोध दर्ज कराने वाली बेटियों के कपड़े तक फाड़े गए और उन्हें जेलों में बंद किया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या अपने अधिकारों और भविष्य के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना भारत में अपराध बन गया है? पाकिस्तान, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पर सवाल उठाया पप्पू यादव ने विपक्ष और युवा आंदोलनों को बदनाम करने की साजिश पर बोलते हुए कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि कम से कम इस बार सरकार ने जेनजी, जेन-अल्फा और विपक्ष के युवाओं पर पाकिस्तानी फंडिंग का आरोप नहीं लगाया। वरना हर जायज मांग और प्रोटेस्ट को पाकिस्तान से जोड़ देना सरकार की आदत बन चुकी थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि विदेशी ताकतें देश को अस्थिर कर रही हैं या एलन मस्क जैसे पूंजीपति और अमेरिकी एजेंसियां फंडिंग कर रही हैं, तो प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री अपने दोस्त अमेरिका और एलन मस्क से सीधे सवाल क्यों नहीं पूछते। वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान, चीन और अमेरिका के बीच बन रहे समीकरणों पर भारत सरकार की चुप्पी और पड़ोसी देशों में भारत की घटती कूटनीतिक पकड़ पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। क्षेत्रीय दलों और सहयोगियों पर राजनाथ सिंह को जवाब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर भी पप्पू यादव ने तीखा पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा के बिना राहुल गांधी चुनाव नहीं जीत सकते। पप्पू यादव ने कहा कि बीजेपी को अपना इतिहास याद रखना चाहिए। अगर बालासाहेब ठाकरे और पंजाब के प्रकाश सिंह बादल अकाली दल का साथ न मिला होता, तो बीजेपी दो सीटों से बढ़कर 10 साल सत्ता में नहीं रह पाती। आज बीजेपी अपने ही पुराने सहयोगियों को भूलकर दूसरों पर टिप्पणी कर रही है। भाजपा को आड़े हाथ लिया सांसद पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोलते हुए तीखा चैलेंज दिया है। उन्होंने भाजपा की अवसरवादी राजनीति और गठबंधन के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो भाजपा आज दूसरों पर आरोप लगाती है, उसने खुद अपनी राजनीतिक सुविधा के लिए वैचारिक दुश्मनों—जैसे जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती और केरल में मुस्लिम लीग—के साथ हाथ मिलाया और समर्थन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने क्षेत्रीय दलों का इस्तेमाल कर उन्हें धोखा दिया और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़कर अपनी सरकार बनाई। बिहार का ज़िक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिना नीतीश कुमार के सहयोग के भाजपा की बिहार में एक सीट जीतने तक की हैसियत नहीं थी। उन्होंने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा में हिम्मत है तो वह नफरत की राजनीति फैलाना, हिंदू-मुसलमान और जाति-पात का मुद्दा उछालना बंद करे और अपने दो चुनिंदा उद्योगपति मित्रों से पैसा लेना छोड़ दे; इसके बिना वह अकेले दम पर चुनाव जीतकर दिखाए। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि देश में लोकतंत्र और क्षेत्र हमेशा सुरक्षित रहे हैं और भाजपा को सिर्फ गठबंधन तथा नफरत के सहारे चुनाव लड़ने की आदत छोड़नी चाहिए। सीएम रहते नरेंद्र मोदी पर हमला करवाने का आरोप पप्पू यादव ने सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि जब वो गुजरात से बिहारी छात्रों को लाने गए थे तब उस वक्त मोदी जी सीएम थे और उनके ही समर्थक द्वारा स्याही फेंकी गई थी। और उनके द्वारा मारने की साजिश रची गई थी । मैने एक एक छात्र को वहां से निकाला था। प्रशांत किशोर को पप्पू यादव की दो टूक जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर को पप्पू यादव ने दो टूक सुनाते हुए कहा कि पप्पू यादव 50 रुपये नहीं बांटता है, वो हर एक को अपने हाथों से पैसे देता है। एक एक पीड़ित परिवार को 20 हज़ार से 2 लाख तक दिया है। हर एक इंसान को कम से कम 500 रुपए दिया है। प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पहले कहते थे, हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, मुख्यमंत्री चेहरा नहीं हैं। चुनाव में ज़मानत जब्त हुई सभी उम्मीदवारों की। बांकीपुर उप चुनाव में एक्सीडेंटल चुनाव जीत गए। कहते थे वीआईपी कल्चर नहीं लेंगे, आज उसी राह पर हैं। एमएलसी चुनाव में उतारे गए उम्मीदवारों पर भी पप्पू यादव ने तीखा हमला बोला है। सांसद ने कहा जितने उम्मीदवार उतारे हैं, सब पर दाग है। यहां के उम्मीदवार पर लड़कियों से चैट करने का आरोप है, शिक्षा के नाम पर अवैध पैसे लेकर पास कराने का आरोप है। सभी पार्टी माफिया को टिकट देता है, आप भी दिए। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और विदेश नीति पर हमला बोला है। उन्होंने देश में युवा आंदोलन पर हो रहे दमन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। यादव ने नेपाल और बांग्लादेश में जेन जी (Gen Z) द्वारा सत्ता परिवर्तन में निभाई गई भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने इसकी तुलना भारत में चल रहे छात्र-युवा आंदोलनों से की। सांसद ने प्रोटेस्ट के दौरान हुए हमलों और पुलिस व असामाजिक तत्वों द्वारा युवतियों व प्रदर्शनकारियों पर की गई हिंसा को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने पीके (PK) पर भी निशाना साधा। नेपाल और बांग्लादेश में जेनजी की भूमिका और सरकार का दोहरा रवैया पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक परिवर्तनों का जिक्र किया, जहां जेनजी ने सड़कों पर उतरकर सत्ता तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी सरकार और नेपाल में युवा आंदोलनों के बाद उभरी राजनीतिक व्यवस्था को भारत सरकार समर्थन दे रही है या उनके साथ कूटनीतिक संबंध बना रही है, तो वही सरकार अपने ही देश में आवाज उठाने वाले युवाओं और जेनजी प्रदर्शनकारियों पर लाठियां क्यों बरसा रही है। उन्होंने कहा कि जब पड़ोसी देशों के युवा अधिकार और बदलाव की बात करते हैं तो उन्हें लोकतंत्र की ताकत माना जाता है, और सरकार उन्हें समर्थन देती है लेकिन जब भारत के युवा और बेटियां सड़कों पर उतरते हैं, तो उन्हें दबाने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी जाती है। प्रोटेस्ट के दौरान हुए हमले पर सांसद का बड़ा बयान राजधानी दिल्ली के जनतर पर प्रदर्शनों और विरोध आंदोलनों के दौरान हुई हिंसा पर ध्यान केंद्रित करते हुए पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश की बेटियों और युवा छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं के जायज आंदोलन को कुचलने के लिए 1 लाख 68 हज़ार सुरक्षा बल के जवानों को क्यों तैनात किया जा रहा है। पप्पू यादव ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी बेटियों के साथ थाने में अन्याय और बदसलूकी की गई। इसके अलावा बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों के असामाजिक तत्वों द्वारा विरोध दर्ज कराने वाली बेटियों के कपड़े तक फाड़े गए और उन्हें जेलों में बंद किया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या अपने अधिकारों और भविष्य के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना भारत में अपराध बन गया है? पाकिस्तान, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पर सवाल उठाया पप्पू यादव ने विपक्ष और युवा आंदोलनों को बदनाम करने की साजिश पर बोलते हुए कहा कि मुझे इस बात का संतोष है कि कम से कम इस बार सरकार ने जेनजी, जेन-अल्फा और विपक्ष के युवाओं पर पाकिस्तानी फंडिंग का आरोप नहीं लगाया। वरना हर जायज मांग और प्रोटेस्ट को पाकिस्तान से जोड़ देना सरकार की आदत बन चुकी थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि विदेशी ताकतें देश को अस्थिर कर रही हैं या एलन मस्क जैसे पूंजीपति और अमेरिकी एजेंसियां फंडिंग कर रही हैं, तो प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री अपने दोस्त अमेरिका और एलन मस्क से सीधे सवाल क्यों नहीं पूछते। वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान, चीन और अमेरिका के बीच बन रहे समीकरणों पर भारत सरकार की चुप्पी और पड़ोसी देशों में भारत की घटती कूटनीतिक पकड़ पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। क्षेत्रीय दलों और सहयोगियों पर राजनाथ सिंह को जवाब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर भी पप्पू यादव ने तीखा पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा के बिना राहुल गांधी चुनाव नहीं जीत सकते। पप्पू यादव ने कहा कि बीजेपी को अपना इतिहास याद रखना चाहिए। अगर बालासाहेब ठाकरे और पंजाब के प्रकाश सिंह बादल अकाली दल का साथ न मिला होता, तो बीजेपी दो सीटों से बढ़कर 10 साल सत्ता में नहीं रह पाती। आज बीजेपी अपने ही पुराने सहयोगियों को भूलकर दूसरों पर टिप्पणी कर रही है। भाजपा को आड़े हाथ लिया सांसद पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोलते हुए तीखा चैलेंज दिया है। उन्होंने भाजपा की अवसरवादी राजनीति और गठबंधन के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो भाजपा आज दूसरों पर आरोप लगाती है, उसने खुद अपनी राजनीतिक सुविधा के लिए वैचारिक दुश्मनों—जैसे जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती और केरल में मुस्लिम लीग—के साथ हाथ मिलाया और समर्थन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने क्षेत्रीय दलों का इस्तेमाल कर उन्हें धोखा दिया और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़कर अपनी सरकार बनाई। बिहार का ज़िक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिना नीतीश कुमार के सहयोग के भाजपा की बिहार में एक सीट जीतने तक की हैसियत नहीं थी। उन्होंने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा में हिम्मत है तो वह नफरत की राजनीति फैलाना, हिंदू-मुसलमान और जाति-पात का मुद्दा उछालना बंद करे और अपने दो चुनिंदा उद्योगपति मित्रों से पैसा लेना छोड़ दे; इसके बिना वह अकेले दम पर चुनाव जीतकर दिखाए। पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि देश में लोकतंत्र और क्षेत्र हमेशा सुरक्षित रहे हैं और भाजपा को सिर्फ गठबंधन तथा नफरत के सहारे चुनाव लड़ने की आदत छोड़नी चाहिए। सीएम रहते नरेंद्र मोदी पर हमला करवाने का आरोप पप्पू यादव ने सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि जब वो गुजरात से बिहारी छात्रों को लाने गए थे तब उस वक्त मोदी जी सीएम थे और उनके ही समर्थक द्वारा स्याही फेंकी गई थी। और उनके द्वारा मारने की साजिश रची गई थी । मैने एक एक छात्र को वहां से निकाला था। प्रशांत किशोर को पप्पू यादव की दो टूक जनसुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर को पप्पू यादव ने दो टूक सुनाते हुए कहा कि पप्पू यादव 50 रुपये नहीं बांटता है, वो हर एक को अपने हाथों से पैसे देता है। एक एक पीड़ित परिवार को 20 हज़ार से 2 लाख तक दिया है। हर एक इंसान को कम से कम 500 रुपए दिया है। प्रशांत किशोर पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पहले कहते थे, हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, मुख्यमंत्री चेहरा नहीं हैं। चुनाव में ज़मानत जब्त हुई सभी उम्मीदवारों की। बांकीपुर उप चुनाव में एक्सीडेंटल चुनाव जीत गए। कहते थे वीआईपी कल्चर नहीं लेंगे, आज उसी राह पर हैं। एमएलसी चुनाव में उतारे गए उम्मीदवारों पर भी पप्पू यादव ने तीखा हमला बोला है। सांसद ने कहा जितने उम्मीदवार उतारे हैं, सब पर दाग है। यहां के उम्मीदवार पर लड़कियों से चैट करने का आरोप है, शिक्षा के नाम पर अवैध पैसे लेकर पास कराने का आरोप है। सभी पार्टी माफिया को टिकट देता है, आप भी दिए।  

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