जैसलमेर। दोस्तों को डूबता देख अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने के लिए तालाब में छलांग लगाने वाले लाठी क्षेत्र के धायसर गांव निवासी 21 वर्षीय गिरधर सुथार की खुद डूबने से मौत हो गई। बेंगलूरु के नेसूर में हुए इस हादसे में गिरधर के साथ एक अन्य युवक की भी जान चली गई। दोनों युवकों ने तालाब में डूब रहे अपने दो साथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन इसके बाद वे खुद गहरे पानी में फंस गए। कई घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों के शव बरामद किए गए। हादसे की सूचना धायसर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार धायसर निवासी गिरधर सुथार पुत्र रुपाराम सुथार पिछले करीब दो वर्षों से बेंगलूरु के नेसूर में घोड़ा फार्म पर काम कर रहा था। वह चार दोस्तों के साथ घोड़ा फार्म के पास स्थित तालाब में नहाने गया था। इसी दौरान उसके दो साथी तालाब के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथियों को मुश्किल में देखकर गिरधर और एक अन्य युवक उन्हें बचाने के लिए तत्काल पानी में उतर गए।
डूब रहे दोनों साथी बचे, बचाने वालों की मौत
दोनों ने प्रयास कर डूब रहे साथियों को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाल लिया। लेकिन उन्हें बचाने के बाद गिरधर और उसका साथी खुद तालाब की गहराई में फंस गए। देखते ही देखते दोनों डूब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
कई घंटे बाद बरामद हुए दोनों शव
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने तालाब में कई घंटे तक तलाश की। लगातार प्रयास के बाद गिरधर और उसके साथी के शव बरामद किए गए। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे की खबर जब धायसर गांव पहुंची तो पूरे गांव में मातम पसर गया।
परिवार का सहारा था गिरधर
गिरधर पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग करने और घर का सहारा बनने के लिए वह करीब दो वर्ष पहले बेंगलूरु गया था। वहां घोड़ा फार्म पर काम करके वह परिवार की आर्थिक मदद कर रहा था। कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे गिरधर की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है।
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