पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र की बलुआ रामपुरवा पंचायत के बलुआ चौक निवासी 25 वर्षीय तरुण की बेंगलुरु में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह मधुसूदन प्रसाद के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ड्यूटी खत्म कर कमरे लौट रहे थे तरुण परिजनों के मुताबिक, तरुण बेंगलुरु के एहसान गिट्टी इलाके में अमेजन कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर काम करते थे। उनके पिता मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे ड्यूटी खत्म करने के बाद तरुण अपने कमरे लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सड़क हादसा हो गया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तरुण को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बेंगलुरु के एहसान गिट्टी चौकी की पुलिस ने बैरिया थाना को इसकी सूचना दी। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम तरुण की मौत की खबर गांव पहुंचते ही बलुआ चौक स्थित उनके घर में मातम छा गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र की बलुआ रामपुरवा पंचायत के बलुआ चौक निवासी 25 वर्षीय तरुण की बेंगलुरु में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह मधुसूदन प्रसाद के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ड्यूटी खत्म कर कमरे लौट रहे थे तरुण परिजनों के मुताबिक, तरुण बेंगलुरु के एहसान गिट्टी इलाके में अमेजन कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के पद पर काम करते थे। उनके पिता मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे ड्यूटी खत्म करने के बाद तरुण अपने कमरे लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सड़क हादसा हो गया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तरुण को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बेंगलुरु के एहसान गिट्टी चौकी की पुलिस ने बैरिया थाना को इसकी सूचना दी। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम तरुण की मौत की खबर गांव पहुंचते ही बलुआ चौक स्थित उनके घर में मातम छा गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

