जुलाई 2026 में नगर निकाय कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हुए समझौते को अब तक लागू नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार को सीवान नगर परिषद सहित पूरे बिहार के नगर निकाय कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा का पुतला दहन कर सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर निकाय कर्मचारियों में नाराजगी कर्मचारियों ने समझौते में तय मांगों को अविलंब लागू करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन के दौरान मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि जुलाई महीने में सरकार और कर्मचारियों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर समझौता हुआ था। लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद समझौते में तय बिंदुओं को लागू करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। सरकार और विभाग की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इससे नगर निकाय कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
सरकार से तत्काल पहल करने की मांग की उन्होंने कहा कि कर्मचारी दिन-रात शहर की सफाई और अन्य जरूरी कार्यों में अपनी सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद उन्हें अपने जायज अधिकारों के लिए बार-बार सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जुलाई में हुए समझौते को जल्द लागू करना चाहिए, ताकि उन्हें उनका हक मिल सके। वहीं, आइसा के जिला सचिव अनीश कुशवाहा ने कहा कि नगर निकाय के कर्मचारी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी इसके बावजूद सरकार और विभाग उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। समझौते के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से तत्काल पहल करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो 3 नवंबर 2026 से नगर परिषद के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर विकास एवं आवास विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी। जुलाई 2026 में नगर निकाय कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हुए समझौते को अब तक लागू नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार को सीवान नगर परिषद सहित पूरे बिहार के नगर निकाय कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा का पुतला दहन कर सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर निकाय कर्मचारियों में नाराजगी कर्मचारियों ने समझौते में तय मांगों को अविलंब लागू करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन के दौरान मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि जुलाई महीने में सरकार और कर्मचारियों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर समझौता हुआ था। लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद समझौते में तय बिंदुओं को लागू करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। सरकार और विभाग की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इससे नगर निकाय कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
सरकार से तत्काल पहल करने की मांग की उन्होंने कहा कि कर्मचारी दिन-रात शहर की सफाई और अन्य जरूरी कार्यों में अपनी सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद उन्हें अपने जायज अधिकारों के लिए बार-बार सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जुलाई में हुए समझौते को जल्द लागू करना चाहिए, ताकि उन्हें उनका हक मिल सके। वहीं, आइसा के जिला सचिव अनीश कुशवाहा ने कहा कि नगर निकाय के कर्मचारी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी इसके बावजूद सरकार और विभाग उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। समझौते के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से तत्काल पहल करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो 3 नवंबर 2026 से नगर परिषद के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर विकास एवं आवास विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी।

