बैतूल झल्लार थाना क्षेत्र के बोथिया गांव में सोमवार शाम हादसा हो गया। बिजली के पोल पर काम करते समय करंट लगने से आउटसोर्स कर्मचारी भूरा श्यामराव महाले (45) की मौत हो गई। वह आमला के रहने वाले थे और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के झल्लार डीसी में काम करते थे। शिकायत के निराकरण के लिए पहुंचे थे गांव जानकारी के अनुसार, भूरा महाले बिजली संबंधी शिकायत का निराकरण करने बोथिया गांव पहुंचे थे। वह एलटी लाइन के बिजली पोल पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लग गया। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल भूरा महाले को झल्लार पीएचसी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को बैतूल जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। भूरा महाले के परिवार में एक विवाहित बेटी और एक बेटा है। उनका बेटा राजस्थान में नौकरी करता है। लाइन बंद करने के बाद भी कैसे आया करंट? बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी के काम पर जाने से पहले लाइन बंद कर वर्क परमिट लिया गया था। इसके बावजूद लाइन में करंट कैसे आया, यह जांच का विषय है। जेई ने बताया कि भूरा महाले अनस्किल्ड कर्मचारी थे। उन्हें करीब 15 दिन पहले ही इस लाइन क्षेत्र का प्रभार दिया गया था। आशंका है कि डबल सर्किट से लाइन जुड़ी होने के कारण हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पहले भी हो चुका है हादसा इससे पहले झल्लार डीसी के आमला फीडर पर भी हादसा हो चुका है। इसमें रामदास धुर्वे करंट लगने से झुलस गए थे। लगातार हो रहे हादसों से आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। झल्लार थाना प्रभारी वहीद खान ने बताया कि जिला अस्पताल से कर्मचारी की मौत की जानकारी मिली है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम और जांच के बाद की जाएगी। बिजली विभाग के एई पंडराम से जानकारी लेने के लिए फोन किया गया। उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। हादसे की असली वजह और लाइन बंद होने के बाद भी करंट आने का कारण जांच के बाद स्पष्ट होगा।


