बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील के बबुरी गांव में सरयू नदी की तेज कटान जारी है। नदी की धारा खेतों को लगातार अपनी चपेट में ले रही है। देखते ही देखते खेत का हिस्सा नदी में समा रहा है और खड़ी फसल भी पानी में बह जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक सैकड़ों बीघे में खड़ी फसल कटान की वजह से बर्बाद हो चुकी है। बबुरी गांव में नदी किनारे रहने वाले किसानों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन गया है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक फसलें खड़ी थीं, वहां अब सिर्फ नदी की धारा दिख रही है। किसानों का कहना है कि खेती ही उनके परिवार की कमाई का मुख्य जरिया है। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उनका आरोप है कि उन्हें बीमा योजना के तहत मुआवजे और मदद का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। किसानों के मुताबिक, कृषि विभाग ने फसलों के नुकसान का सही आकलन अब तक नहीं कराया है। आर्थिक मदद देने की मांग किसानों का कहना है कि जब नुकसान का सही आकलन ही नहीं होगा, तो मुआवजे की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी। कई परिवारों के सामने खेती से होने वाली कमाई खत्म होने की नौबत आ गई है। ग्रामीण प्रशासन से तुरंत सर्वे कराकर नुकसान दर्ज करने और नियमों के हिसाब से आर्थिक मदद देने की मांग कर रहे हैं। नदी की कटान से किसानों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो बची हुई खेती की जमीन भी सरयू की धारा में समा सकती है। किसानों ने कटान रोकने के साथ फसल और जमीन के नुकसान का तुरंत सर्वे कराने की मांग की है। जल्द मुआवजा दिलाने का भरोसा कृषि विभाग के उपनिदेशक उमेश साहू ने उन किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है, जिनकी फसल खराब हुई है। अब किसानों की नजर विभाग की कार्रवाई पर है। किसानों का कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर सर्वे, नुकसान की सही जानकारी और समय पर मुआवजा चाहिए।

