बलिया के कुंआपीपर स्थित श्री घरभरन बाबा मां आशकामिनी के पावन धाम पर आयोजित होने वाले श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के लिए सोमवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ यज्ञ स्थल से शुरू हुई। यज्ञाधीश श्रीश्री 1008 श्री त्यागी बाबा जी महाराज के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा ने ग्राम भ्रमण किया। इसके बाद यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए हुकुमछपरा गंगापुर गंगा तट पर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पतित पावनी मां गंगा में स्नान कर कलश भरे। तत्पश्चात यज्ञाचार्य पं. सुनील शास्त्री के मार्गदर्शन में विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। यजमानों और श्रद्धालुओं ने मां गंगा का पूजन कर कलश पूजन संपन्न किया। कलश यात्रा के दौरान पुरुष ‘ऊं विष्णवे नमः’, ‘जय माता लक्ष्मी’, ‘ऊं नमः शिवाय’, ‘हर-हर महादेव’ जैसे उद्घोष करते चल रहे थे, जबकि महिलाएं मंगलगान कर रही थीं। कलश भरण के बाद यात्रा पुनः यज्ञस्थल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप में कलश स्थापित किए। यज्ञाचार्य ने बताया कि 9 जून को मंडप प्रवेश, अरणी मंथन सहित अन्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। 10 जून से प्रतिदिन पूजन-अर्चन, हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि महायज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारा 15 जून को होगा। अयोध्या से पधार रहीं सुश्री प्रज्ञा किशोरी का प्रवचन 9 जून से प्रतिदिन होगा, जिसमें श्रद्धालुगण भगवान कथा का रसपान कर सकेंगे।
यज्ञाधीश ने क्षेत्रवासियों और जनपद के श्रद्धालुओं से महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की। इस अवसर पर पुष्पराज तिवारी ‘पप्पू’, बलराम चौधरी, भोला ओझा, अमर पाण्डेय, सुशील पाण्डेय बब्लू, सुखारी भगत, दिनेश ओझा, शैलेष सिंह, डब्लू पांडेय, शमशेर सिंह, पंकज सिंह, सोमेश्वर सिंह, आलोक सिंह सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।


