Jhansi Case filed against misleading video that disturbed communal harmony: झांसी में मौलाना की गिरफ्तारी और मस्जिद में विस्फोटक सामग्री मिलने का वीडियो 25 जनवरी 2026 को इंस्टाग्राम चैनल पर प्रसारित किया गया था। जिसको पुलिस प्रशासन ने संज्ञान में लिया और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर के इंस्टाग्राम पर खबर प्रसारित करने वाले संचालक पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके साथ ही वीडियो को शेयर करने वाले के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई थी। अब एक बार फिर उसी वीडियो को दोबारा वायरल किया जा रहा है। इस संबंध में एसपी सिटी ने बताया कि मामला नगर निगम से जुड़ा है जो दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। उसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की गई है। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामला प्रेम नगर थाना क्षेत्र का है।
नगर निगम ने दुकानों पर की थी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के झांसी में इंस्टाग्राम पर एक न्यूज़ चैनल की तरफ से समाचार प्रसारित किया जा रहा था। जो भ्रामक और सांप्रदायिक है। कैप्शन में “उत्तर प्रदेश के झांसी में उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लिया, मस्जिद में विस्फोटक सामग्री मिली, नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने सील किया मस्जिद” लिखा है। इसके साथ तथ्यहीन वीडियो को दिखाया गया है।
क्या कहती है एसपी सिटी?
इस संबंध में एसपी सिटी ने बताया कि नगर निगम की टीम ने 17 जनवरी 2026 को चौकी क्षेत्र पुलिया नंबर 9 थाना प्रेम नगर के मोहल्ले इस्लामगंज में ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जिन्होंने बकाया फीस अदा नहीं की थी। यह वीडियो उसी समय का है। जिसे इस रूप में प्रसारित किया जा रहा था। पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए तत्काल खंडन किया था। यह वीडियो सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो को संज्ञान में लेते हुए मुकदमा दर्ज किया गया था
दोबारा फिर उसी वीडियो को वायरल किया जा रहा
एसपी सिटी ने बताया कि वर्तमान समय में भी उसी वीडियो को एक बार फिर वायरल किया जा रहा है जो भ्रामक है, जिससे आम लोगों में एक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। वीडियो को संज्ञान में लेते हुए प्रेम नगर थाना में @PrathnaSingh83 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भ्रामक, तथ्यहीन सामग्री को प्रसारित करने वालों के खिलाफ प्रशासन नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगी। सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरों को शेयर करने के पहले सच्चाई की पुष्टिकर ले।


