पोस्टमार्टम रिपोर्ट को खत्म होंगे थानों के चक्कर:हाईकोर्ट ने सख्ती की, ऑनलाइन सीसीटीएनएस पर ही मिले रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को खत्म होंगे थानों के चक्कर:हाईकोर्ट ने सख्ती की, ऑनलाइन सीसीटीएनएस पर ही मिले रिपोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को ऑनलाइन सीसीटीएनएस पर ही मिल जाएगी।
एन आई सी ने पूरी मैकेनिज्म सेटअप कर मेडलीप आर पोर्टल को सी सी टी एन एस से इंटीग्रेट कर दिया है। लेकिन हाई कोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रयागराज में 15.मई.2025 से 22.अक्टूबर .2026 तक 3707 पोस्टमार्टम हुए, पर पुलिस ने सिर्फ 2 केस में ही पोर्टल पर एफआईआर लिंक्ड रिक्वेस्ट भेजी। जैरुन्निशा की अर्जी पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह आदेश पारित किया। यह जमानत अर्जी पहले ही 13.अक्टूबर .2026 को निस्तारित हो चुकी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे एम ई डी एल ई ए पी आर और सी सी टी एन एस के इंटीग्रेशन के लिए पेंडिंग रखा था। क्या है मामला जानिये कोर्ट के 13.अक्टूबर .2026 के आदेश के अनुपालन में – शशिकांत शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, एन आई सी , नई दिल्ली, भगवान एस. श्रीवास्तव, ए डी जी (टेक्निकल), यूपी पुलिस, लखनऊ,श्रीमती वी. हेकाली झिमोमी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, यूपी , लखनऊ,राहुल जैन, हेड ऑफ एम ई डी एल ई ए पी आर टीम,डॉ. अरुण कुमार तिवारी, सी एम ओ प्रयागराज और डॉ. राजीव रंजन, इंचार्ज, पोस्टमार्टम हाउस एस आर एन हॉस्पिटल प्रयागराज कोर्ट में मौजूद रहे। शशिकांत शर्मा और राहुल जैन ने बताया – एन आई सी ने एम ई डी एल ई ए पी आर को सी सी टी एन एस के साथ इंटीग्रेट करने का पूरा काम कर दिया है। अब पुलिस विभाग एफआईआर,केस क्राइम नंबर लिंक्ड रिक्वेस्ट भेजेगा तो सभी मेडिको-लीगल रिपोर्ट, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी है, अपलोड हो जाएगी। जारी किए गए रहे आदेश डॉ. राजीव रंजन ने बताया प्रयागराज में 15.माई .2025 से 22.अक्टूबर .2026 तक 3707 पोस्टमार्टम हुए, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 2 केस में ही रिक्वेस्ट भेजी । कारण पूछने पर ए डी जी टेक्निकल ने कहा – वह सभी पुलिस अधिकारियों को सेंसिटाइज करेंगे कि संबंधित अस्पताल/मॉर्चरी को एफआईआर लिंक्ड रिक्वेस्ट भेजें। साथ ही बताया कि कुछ टेक्निकल मुद्दे हैं, जिससे पुलिस सही से रिक्वेस्ट नहीं भेज पा रहे हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया – 04.नवंबर .2026 को सुबह 11 बजे प्रिंसिपल सेक्रेटरी, मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, यूपी, लखनऊ के ऑफिस में तीनों अधिकारी बैठक कर प्रभावी इम्प्लीमेंटेशन के लिए उपाय तय करें। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि तीनों अधिकारी समय पर मेडिको-लीगल रिपोर्ट पोर्टल पर भेजने, इंटीग्रेशन और अपने-अपने विभाग के अधिकारियों को सेंसिटाइज करने की समस्या सुलझा लेंगे। इसी के साथ यह केस निस्तारित कर दिया गया।

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