गैंगस्टर Himanshu Bhau अमेरिका में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी Haryana Police

गैंगस्टर Himanshu Bhau अमेरिका में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी Haryana Police

हरियाणा के रोहतक का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर 23 वर्षीय हिमांशु ‘भाऊ’ हत्या और रंगदारी समेत कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना है। हिंमाशु के खिलाफ कुल 64 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हिमांशु के खिलाफ अधिकतर मामले उसके गृह राज्य हरियाणा में दर्ज हैं।

भारत और विदेश की विभिन्न जांच एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद विदेश से गिरोह चलाने वाले हिमांशु को उसके गिरोह के सदस्यों ने ‘भाऊ’ (बड़ा भाई) उपनाम दिया। दुनियाभर में फैले आपराधिक नेटवर्क के कथित सरगना हिमांशु को उसके गिरोह में फैसले लेने वाले प्रमुख व्यक्ति के रूप में जाना जाता है।

उसे हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था और वह फिलहाल अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की हिरासत में है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि अमेरिका में फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर प्रवेश करने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में हिमांशु को हिरासत में लिया गया था। हरियाणा पुलिस ने उसके बारे में अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी थी।

पुलिस अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साथ समन्वय कर हिमांशु को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। रोहतक जिले के रिटौली गांव के मूल निवासी 23 वर्षीय गैंगस्टर का असली नाम हिमांशु रिटौलिया है। अधिकारियों के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराओं के तहत 64 मामले दर्ज हैं।

इनमें से ज्यादातर हरियाणा में दर्ज किए गए हैं। हिमांशु के आपराधिक गिरोह के गुर्गे मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय हैं। वे हिमांशु के निर्देश पर हत्याओं और रंगदारी की वारदात को अंजाम देते हैं, जबकि वह विदेश से इस नेटवर्क का संचालन करता था।

हिमांशु के अपराध की दुनिया में कदम रखने की शुरुआत महज 17 साल की उम्र में हुई थी। वर्ष 2019 में पढ़ाई के दौरान हिमांशु ने कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के लिए रोहतक की एक सब्जी मंडी में गोलीबारी की थी, जिसके बाद उसे पकड़ा गया था। नाबालिग होने के कारण हिमांशु को हिसार स्थित किशोर सुधार गृह भेजा गया था, जहां से वह दीवार तोड़कर 17 अन्य बंदियों के साथ फरार हो गया।

इसके बाद पुलिस उसे दोबारा नहीं पकड़ सकी। बाद में हिमांशु की अपने गांव के बचपन के दोस्त अंकित उर्फ ‘बाबा’ के साथ दुश्मनी हो गई। गांव में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश में बाबा गिरोह ने कथित तौर पर हिमांशु के चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी।

इसका बदला लेने के लिए हिमांशु ने कथित तौर पर पांच दिन बाद बाबा गिरोह के सदस्य हंसराज की हत्या कर दी। दुश्मनी बढ़ने के साथ ही हिमांशु पहले झज्जर और फिर दिल्ली चला गया। दिल्ली में हिमांशु की मुलाकात गैंगस्टर नीरज बवाना से हुई, जिसने उसे अपने गिरोह में शामिल कर लिया।

इसके बाद हिमांशु ने कई कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश की और धीरे-धीरे इतना प्रभाव बढ़ा लिया कि अपना गिरोह बना सके। वर्ष 2022 में हिमांशु कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया। वह पहले पुर्तगाल गया और फिर अमेरिका पहुंचा।

अमेरिका से हिमांशु ने कथित तौर पर अपने गिरोह में शूटर को शामिल करना शुरू किया और दिल्ली-एनसीआर, पंजाब तथा हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने लगा।

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