अतीक की 14 बेनामी जमीनों पर लगवाया नोटिस बोर्ड:भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर में राजस्व विभाग की टीम के साथ पहुंची पुलिस

अतीक की 14 बेनामी जमीनों पर लगवाया नोटिस बोर्ड:भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर में राजस्व विभाग की टीम के साथ पहुंची पुलिस

प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को कैंट और एयरपोर्ट थाने की पुलिस राजस्व विभाग की टीम के साथ भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर पहुंची। यहां अतीक अहमद से संबंधित बताई जा रही जमीनों का चिन्हांकन कराया गया और मौके पर नोटिस बोर्ड लगवाए गए। इन संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले ही कुर्क किया जा चुका है। रविवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने जमीनों की पहचान स्पष्ट करने के लिए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, ये जमीनें अतीक अहमद ने अपने आपराधिक प्रभाव और भय का इस्तेमाल कर अपराध से अर्जित धन से खरीदी थीं। आरोप है कि कीमती जमीनों को कम कीमत पर खरीदकर अनुसूचित समाज के व्यक्ति मदनलाल भारतीय के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई थी। पुलिस इन्हें अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियां बताती है। पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर हुई थी कुर्की पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज के न्यायालय में योजित वाद सरकार बनाम अतीक अहमद (मृतक), विधिक प्रतिनिधि एवं प्रभावित व्यक्ति मदनलाल भारतीय के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत 27 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया गया था। इसी आदेश के अनुपालन में संबंधित जमीनों को 28 जुलाई को कुर्क किया जा चुका है। रविवार को कैंट थाना, और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीनों का चिन्हांकन कराया। इसके साथ ही नोटिस बोर्ड लगवाए गए, ताकि संबंधित संपत्तियों की पहचान हो सके। 14 संपत्तियों का विवरण सामने आया पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार, भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर, परगना और तहसील सदर क्षेत्र में स्थित कुल 14 आराजी नंबरों की जमीनें इस कार्रवाई से संबंधित हैं। इनमें कुछ जमीनों में अंश के आधार पर संपत्ति शामिल है। कुर्क की जा चुकी संपत्तियों का विवरण आराजी नंबर 592 — रकबा 0.2380 हेक्टेयर। आराजी नंबर 133 — रकबा 0.1480 हेक्टेयर। आराजी नंबर 594 — रकबा 0.0910 हेक्टेयर। आराजी नंबर 591 — रकबा 0.1140 हेक्टेयर। आराजी नंबर 568 — रकबा 0.0680 हेक्टेयर। आराजी नंबर 485 — रकबा 0.0110 हेक्टेयर। आराजी नंबर 489 मि. — रकबा 0.0570 हेक्टेयर। आराजी नंबर 469 — रकबा 0.6610 हेक्टेयर। आराजी नंबर 598 — रकबा 0.0910 हेक्टेयर। आराजी नंबर 138 — कुल रकबा 0.2970 हेक्टेयर, इसमें 1/5 भाग यानी 0.0594 हेक्टेयर। आराजी नंबर 488 — रकबा 0.1140 हेक्टेयर। आराजी नंबर 566 — रकबा 0.0800 हेक्टेयर। आराजी नंबर 587 — रकबा 0.2050 हेक्टेयर। आराजी नंबर 558 — रकबा 0.1480 हेक्टेयर। पुलिस के मूल विवरण के मुताबिक, आराजी नंबर 592, 133, 594 और 591 में उल्लिखित रकबे का 1/6 भाग कार्रवाई के दायरे में है। इसलिए इन चारों जमीनों का पूरा रकबा नहीं, बल्कि निर्धारित हिस्सेदारी ही संबंधित संपत्ति में शामिल है। बेनामी संपत्तियों की पहचान स्पष्ट करने की कवायद डीसीपी सिटी सागर जैन का कहना है कि अपराध से अर्जित धन से संपत्ति खरीदने और उसे दूसरे व्यक्ति के नाम पर दर्ज कराने के मामलों में गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। अतीक अहमद से संबंधित बताई जा रही इन जमीनों को पहले ही कुर्क किया जा चुका है। रविवार को चिन्हांकन और नोटिस बोर्ड लगाने की कार्रवाई इसी क्रम में की गई।

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