बोधगया में पितृपक्ष मेला को लेकर बोधगया में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार को बोधगया अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक कर मेला की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बिजली, पेयजल, सफाई, सड़क, यातायात, पार्किंग, रोशनी, शौचालय और हरियाली समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। डॉ. प्रेम कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित समय से पहले तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। दक्षिण भारत से रोज पहुंचते हैं 2 से 3 हजार श्रद्धालु डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया और बोधगया पहुंचते हैं। दक्षिण भारत से प्रतिदिन करीब 2,000 से 3,000 श्रद्धालु और पर्यटक बोधगया आते हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी तक तीर्थयात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेला अवधि के दौरान सुविधाओं के साथ-साथ शहर की साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बिजली और रोशनी की व्यवस्था पर विशेष जोर बैठक में बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष चर्चा हुई। मेला के दौरान लगातार और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थानों पर रोशनी की कमी है, वहां मरम्मत और आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। वेदी स्थलों के आसपास भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को रात के समय आवागमन में परेशानी न हो। 73 भूमिहीन परिवारों को मिली तीन-तीन डिसमिल जमीन अंचलाधिकारी ने बैठक में बताया कि जमीन से जुड़े पुराने मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जा रही है। शेष मामलों को अगले एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 73 भूमिहीन गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई गई है। बैठक में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभार्थियों को दूसरी किस्त की राशि उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई। वेदी स्थलों पर चल रहे काम की समीक्षा बैठक में विभिन्न वेदी स्थलों पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। सरस्वती वेदी के समीप पेवर ब्लॉक और पहुंच पथ निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। डॉ. प्रेम कुमार ने क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधरोपण करने और हरियाली बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। वहीं धर्मारण्य वेदी के समीप क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक होगी विशेष सफाई बोधगया एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक विशेष सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के स्तर से विशेष टीम के माध्यम से सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नगर परिषद क्षेत्र में फिलहाल करीब 400 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक सफाई के लिए अलग टीम तैनात की जाएगी। मेला अवधि में सफाई व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए विशेष निगरानी भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग नोड श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है। छोटी गाड़ियों के लिए नोड-1, बड़ी गाड़ियों के लिए नोड-2 और वीआईपी वाहनों के लिए कालचक्र मैदान के समीप पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारू बनाए रखना है। 135 करोड़ से पेयजल योजना पर काम बोधगया नगर परिषद क्षेत्र के करीब 3,000 घरों में गंगाजल आधारित शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। वहीं शेष करीब 6,000 घरों में जलापूर्ति के लिए बुडको की ओर से डीपीआर तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन घरों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 135 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी प्लांट का निर्माण भी प्रगति पर है। 11 करोड़ से 10 जगहों पर सार्वजनिक शौचालय श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से 10 स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। इसके साथ ही करीब 2,800 घरों में व्यक्तिगत शौचालय उपलब्ध कराने का कार्य भी किया जा रहा है। भिखारियों और बेसहारा पशुओं पर होगी कार्रवाई महाबोधि मंदिर के आसपास भिखारियों और बेसहारा पशुओं की समस्या पर डॉ. प्रेम कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए एनिमल कैचर की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पितृपक्ष मेला से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। वहीं भिखारियों के पुनर्वास के लिए कल्याण विभाग से समन्वय किया जाएगा। दोमुहान में टोटो-टेंपो स्टैंड बनाने का निर्देश दोमुहान क्षेत्र में जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने टोटो और टेंपो के लिए व्यवस्थित स्टैंड बनाने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालय के निकट उपलब्ध सरकारी जमीन को समतल कर वाहन स्टैंड के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है। इस व्यवस्था से मुख्य मार्गों पर बेतरतीब तरीके से वाहनों के खड़े होने से लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन को भी सुगम बनाया जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय पहचान के अनुरूप सुविधा देने पर जोर बैठक के अंत में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया जी और बोधगया की पहचान पूरी दुनिया में है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने और गया-बोधगया की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक में नीरज निश्चल उर्फ मुन्नीलाल, राजदेव पंडित, कृष्णा साहू, सतेंद्र सिंह, वाहिद अली, सुधांशु मिश्रा, मनोज सिंह कुशवाहा, बैजू यादव सहित अन्य गणमान्य लोग और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बोधगया में पितृपक्ष मेला को लेकर बोधगया में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार को बोधगया अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक कर मेला की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बिजली, पेयजल, सफाई, सड़क, यातायात, पार्किंग, रोशनी, शौचालय और हरियाली समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। डॉ. प्रेम कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित समय से पहले तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। दक्षिण भारत से रोज पहुंचते हैं 2 से 3 हजार श्रद्धालु डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया और बोधगया पहुंचते हैं। दक्षिण भारत से प्रतिदिन करीब 2,000 से 3,000 श्रद्धालु और पर्यटक बोधगया आते हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी तक तीर्थयात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेला अवधि के दौरान सुविधाओं के साथ-साथ शहर की साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बिजली और रोशनी की व्यवस्था पर विशेष जोर बैठक में बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष चर्चा हुई। मेला के दौरान लगातार और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थानों पर रोशनी की कमी है, वहां मरम्मत और आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। वेदी स्थलों के आसपास भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को रात के समय आवागमन में परेशानी न हो। 73 भूमिहीन परिवारों को मिली तीन-तीन डिसमिल जमीन अंचलाधिकारी ने बैठक में बताया कि जमीन से जुड़े पुराने मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जा रही है। शेष मामलों को अगले एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 73 भूमिहीन गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई गई है। बैठक में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभार्थियों को दूसरी किस्त की राशि उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई। वेदी स्थलों पर चल रहे काम की समीक्षा बैठक में विभिन्न वेदी स्थलों पर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। सरस्वती वेदी के समीप पेवर ब्लॉक और पहुंच पथ निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। डॉ. प्रेम कुमार ने क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधरोपण करने और हरियाली बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। वहीं धर्मारण्य वेदी के समीप क्षतिग्रस्त सीढ़ियों की मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक होगी विशेष सफाई बोधगया एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक विशेष सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के स्तर से विशेष टीम के माध्यम से सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नगर परिषद क्षेत्र में फिलहाल करीब 400 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक सफाई के लिए अलग टीम तैनात की जाएगी। मेला अवधि में सफाई व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए विशेष निगरानी भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग नोड श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है। छोटी गाड़ियों के लिए नोड-1, बड़ी गाड़ियों के लिए नोड-2 और वीआईपी वाहनों के लिए कालचक्र मैदान के समीप पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारू बनाए रखना है। 135 करोड़ से पेयजल योजना पर काम बोधगया नगर परिषद क्षेत्र के करीब 3,000 घरों में गंगाजल आधारित शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। वहीं शेष करीब 6,000 घरों में जलापूर्ति के लिए बुडको की ओर से डीपीआर तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन घरों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 135 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी प्लांट का निर्माण भी प्रगति पर है। 11 करोड़ से 10 जगहों पर सार्वजनिक शौचालय श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एयरपोर्ट से महाबोधि मंदिर तक करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से 10 स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। इसके साथ ही करीब 2,800 घरों में व्यक्तिगत शौचालय उपलब्ध कराने का कार्य भी किया जा रहा है। भिखारियों और बेसहारा पशुओं पर होगी कार्रवाई महाबोधि मंदिर के आसपास भिखारियों और बेसहारा पशुओं की समस्या पर डॉ. प्रेम कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए एनिमल कैचर की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पितृपक्ष मेला से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। वहीं भिखारियों के पुनर्वास के लिए कल्याण विभाग से समन्वय किया जाएगा। दोमुहान में टोटो-टेंपो स्टैंड बनाने का निर्देश दोमुहान क्षेत्र में जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने टोटो और टेंपो के लिए व्यवस्थित स्टैंड बनाने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालय के निकट उपलब्ध सरकारी जमीन को समतल कर वाहन स्टैंड के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है। इस व्यवस्था से मुख्य मार्गों पर बेतरतीब तरीके से वाहनों के खड़े होने से लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन को भी सुगम बनाया जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय पहचान के अनुरूप सुविधा देने पर जोर बैठक के अंत में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया जी और बोधगया की पहचान पूरी दुनिया में है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने और गया-बोधगया की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक में नीरज निश्चल उर्फ मुन्नीलाल, राजदेव पंडित, कृष्णा साहू, सतेंद्र सिंह, वाहिद अली, सुधांशु मिश्रा, मनोज सिंह कुशवाहा, बैजू यादव सहित अन्य गणमान्य लोग और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

