पाथाखेड़ा में स्मार्ट मीटर का विरोध, कांग्रेस का पैदल मार्च:महिलाओं ने 150 से 4000 रुपए तक बढ़े बिलों की शिकायत की, पुराने मीटर लगाने की मांग

पाथाखेड़ा में स्मार्ट मीटर का विरोध, कांग्रेस का पैदल मार्च:महिलाओं ने 150 से 4000 रुपए तक बढ़े बिलों की शिकायत की, पुराने मीटर लगाने की मांग

बैतूल और आमला के बाद अब सारणी-पाथाखेड़ा क्षेत्र में भी स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार को पाथाखेड़ा में कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बटेश्वर भारती के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विभिन्न वार्डों के रहवासी और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शन की शुरुआत वार्ड क्रमांक 21 से हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय रहवासी शास्त्री नगर, शिवाजी नगर और लाल झंडा चौक होते हुए पुराने बाजार पहुंचे। इसके बाद प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के ट्रांसमीटर कार्यालय पहुंचे और स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बढ़े बिजली बिलों पर जताई नाराजगी प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिजली बिलों को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से पहले उनके घरों में 100 से 150 रुपए तक के बिजली बिल आते थे। अब कई परिवारों के बिल बढ़कर 1500 से 4000 रुपए तक पहुंच गए हैं। महिलाओं का कहना था कि मजदूरी और घरेलू कामकाज के सहारे परिवार चलाने वाले लोगों के लिए इतनी बड़ी राशि का बिजली बिल चुकाना मुश्किल है। उन्होंने बढ़े हुए बिलों की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस ने बताया अतिरिक्त आर्थिक बोझ कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर को गरीब और मजदूर परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने पुराने मीटर दोबारा लगाने और बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की। कांग्रेस ने उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग रखी। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने सारणी के नायब तहसीलदार तथा मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के वितरण विभाग के अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर हटाने, पुराने मीटर बहाल करने और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कराने की मांग की गई।

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