मधेपुरा में बीपी मंडल की 109वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को उनके पैतृक गांव मुरहो पहुंचे बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को विरोध का सामना करना पड़ा। मुरहो में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यादव के खिलाफ विद्यालयों के नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया गया और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए गए। यह विरोध रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल और उनके समर्थकों द्वारा किया गया। प्रदर्शनकारी बिहार सरकार द्वारा विद्यालयों के नाम बदले जाने की नीति से नाराज थे। उन्होंने विशेष रूप से मधेपुरा स्थित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किए जाने का विरोध किया। निर्णय वापस लेने तक जारी रहेगा विरोध आनंद मंडल ने बताया कि बिहार में कुल 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने के दिन भी इसका विरोध हुआ था, जिसके बाद मशाल जुलूस निकालकर भी नाराजगी जताई गई थी। आनंद मंडल ने कहा कि बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नरेंद्र नारायण यादव की उपस्थिति के कारण उनका विरोध करने का निर्णय लिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार विद्यालय का नाम बदलने का अपना निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। 551 स्कूल मॉडल स्कूल के रूप में डेवलप उन्होंने यह भी कहा कि मधेपुरा सामाजिक न्याय की भूमि रही है और यहां से उठने वाली आवाजों ने पहले भी देश की राजनीति को प्रभावित किया है। विद्यालयों के नाम परिवर्तन के खिलाफ उनका आंदोलन भविष्य में भी जारी रहेगा। दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य के 551 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया है। इन स्कूलों के नाम के आगे ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि यदि स्कूलों को मॉडल बनाना ही था, तो सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए थीं, न कि उनके नाम बदले जाने चाहिए थे। मधेपुरा में बीपी मंडल की 109वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को उनके पैतृक गांव मुरहो पहुंचे बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव को विरोध का सामना करना पड़ा। मुरहो में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यादव के खिलाफ विद्यालयों के नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया गया और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए गए। यह विरोध रास बिहारी मंडल के पौत्र आनंद मंडल और उनके समर्थकों द्वारा किया गया। प्रदर्शनकारी बिहार सरकार द्वारा विद्यालयों के नाम बदले जाने की नीति से नाराज थे। उन्होंने विशेष रूप से मधेपुरा स्थित रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदलकर ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ किए जाने का विरोध किया। निर्णय वापस लेने तक जारी रहेगा विरोध आनंद मंडल ने बताया कि बिहार में कुल 551 विद्यालयों के नाम बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि रास बिहारी उच्च विद्यालय का नाम बदले जाने के दिन भी इसका विरोध हुआ था, जिसके बाद मशाल जुलूस निकालकर भी नाराजगी जताई गई थी। आनंद मंडल ने कहा कि बीपी मंडल की जयंती पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नरेंद्र नारायण यादव की उपस्थिति के कारण उनका विरोध करने का निर्णय लिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार विद्यालय का नाम बदलने का अपना निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। 551 स्कूल मॉडल स्कूल के रूप में डेवलप उन्होंने यह भी कहा कि मधेपुरा सामाजिक न्याय की भूमि रही है और यहां से उठने वाली आवाजों ने पहले भी देश की राजनीति को प्रभावित किया है। विद्यालयों के नाम परिवर्तन के खिलाफ उनका आंदोलन भविष्य में भी जारी रहेगा। दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य के 551 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया है। इन स्कूलों के नाम के आगे ‘सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल’ जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि यदि स्कूलों को मॉडल बनाना ही था, तो सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए थीं, न कि उनके नाम बदले जाने चाहिए थे।

