‘तेजस्वी के साथ मुख्यमंत्री भी दें 10वीं की परीक्षा’:प्रशांत किशोर बोले- जनता को तब ही विश्वास होगा, सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर सरकार को घेरा

‘तेजस्वी के साथ मुख्यमंत्री भी दें 10वीं की परीक्षा’:प्रशांत किशोर बोले- जनता को तब ही विश्वास होगा, सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर सरकार को घेरा

जन सुराज के सूत्रधार व विधायक प्रशांत किशोर ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। बीपी मंडल की 108वीं जयंती के मौके पर पटना के दरोगा प्रसाद राय पथ स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत किशोर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री तेजस्वी यादव को 10वीं की परीक्षा पास करने की सलाह दे रहे, तो उन्हें अगली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी 10वीं की परीक्षा देने की सलाह देनी चाहिए। दोनों नेता अगली बार मैट्रिक की परीक्षा देकर पास हों, ताकि बिहार की जनता को विश्वास हो सके कि वे अपने दम पर मैट्रिक पास कर सकते हैं। तेजस्वी के साथ सम्राट चौधरी भी 10वीं की परीक्षा दें प्रशांत किशोर ने कहा, वह बिहार की जनता और पढ़े-लिखे युवाओं की ओर से आग्रह करेंगे कि सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव दोनों अगली बार 10वीं की परीक्षा दें। उन्होंने शिक्षा मंत्री के बयान पर तंज कसते हुए कहा, जब विपक्ष के नेता को 10वीं पास करने की सलाह दी जा रही है तो मुख्यमंत्री को भी इसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के परीक्षा देकर पास होने से जनता में यह विश्वास पैदा होगा कि वे मैट्रिक की परीक्षा अपने दम पर पास कर सकते हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर निशाना पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में जब भी कोई प्रदर्शन हुआ, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। लेकिन पिछले दो-तीन महीनों में युवाओं के आंदोलनों का असर दिखाई दे रहा है और अब सरकार या प्रशासन लाठी चलाने से पहले दो बार सोच रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की जो जायज मांगें हैं, सरकार को उन्हें मानना चाहिए। चाहे मामला TRE का हो या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों का। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सरकार दबा नहीं सकती है। पेपर लीक और बेरोजगारी से युवाओं में बढ़ रहा असंतोष प्रशांत किशोर ने कहा कि देशभर में शिक्षा के निजीकरण, कोचिंग संस्थानों के व्यवसायीकरण, पेपर लीक और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी ने युवाओं के एक बड़े वर्ग में मौजूदा व्यवस्था के प्रति असंतोष पैदा किया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ आंदोलन कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि देशभर में युवाओं में नाराजगी दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती है तो आने वाले दिनों में छात्रों के और बड़े आंदोलन देखने को मिल सकते हैं। 11 सैटेलाइट सिटी योजना को लेकर किसानों के पक्ष में बोले पीके प्रशांत किशोर ने बिहार में प्रस्तावित 11 सैटेलाइट सिटी की योजना को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के नाम पर बिहार के मध्यम किसानों की जमीन को औने-पौने दाम पर बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर किसानों और समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से सरकार यह कानून लेकर आई है, उसी दिन से जन सुराज इसका विरोध कर रहा है। उनका दावा है कि बिहार में इस तरह की योजना को जमीन पर लागू करना आसान नहीं होगा और आने वाले दिनों में इसे लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन हो सकता है। महंगी जमीन के अधिग्रहण पर सरकार की क्षमता पर सवाल उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों और अन्य भूमिधारकों की जमीन का अधिग्रहण करती है तो उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। सिर्फ यह कहना कि जमीन का रिडेवलपमेंट करके बाद में वापस कर दी जाएगी, किसानों को स्वीकार नहीं होगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि जमीन का भाव बढ़ने की स्थिति में कोई भी किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं होगा। जन सुराज के सूत्रधार व विधायक प्रशांत किशोर ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। बीपी मंडल की 108वीं जयंती के मौके पर पटना के दरोगा प्रसाद राय पथ स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत किशोर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री तेजस्वी यादव को 10वीं की परीक्षा पास करने की सलाह दे रहे, तो उन्हें अगली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी 10वीं की परीक्षा देने की सलाह देनी चाहिए। दोनों नेता अगली बार मैट्रिक की परीक्षा देकर पास हों, ताकि बिहार की जनता को विश्वास हो सके कि वे अपने दम पर मैट्रिक पास कर सकते हैं। तेजस्वी के साथ सम्राट चौधरी भी 10वीं की परीक्षा दें प्रशांत किशोर ने कहा, वह बिहार की जनता और पढ़े-लिखे युवाओं की ओर से आग्रह करेंगे कि सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव दोनों अगली बार 10वीं की परीक्षा दें। उन्होंने शिक्षा मंत्री के बयान पर तंज कसते हुए कहा, जब विपक्ष के नेता को 10वीं पास करने की सलाह दी जा रही है तो मुख्यमंत्री को भी इसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के परीक्षा देकर पास होने से जनता में यह विश्वास पैदा होगा कि वे मैट्रिक की परीक्षा अपने दम पर पास कर सकते हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर निशाना पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में जब भी कोई प्रदर्शन हुआ, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। लेकिन पिछले दो-तीन महीनों में युवाओं के आंदोलनों का असर दिखाई दे रहा है और अब सरकार या प्रशासन लाठी चलाने से पहले दो बार सोच रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की जो जायज मांगें हैं, सरकार को उन्हें मानना चाहिए। चाहे मामला TRE का हो या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों का। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सरकार दबा नहीं सकती है। पेपर लीक और बेरोजगारी से युवाओं में बढ़ रहा असंतोष प्रशांत किशोर ने कहा कि देशभर में शिक्षा के निजीकरण, कोचिंग संस्थानों के व्यवसायीकरण, पेपर लीक और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी ने युवाओं के एक बड़े वर्ग में मौजूदा व्यवस्था के प्रति असंतोष पैदा किया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ आंदोलन कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि देशभर में युवाओं में नाराजगी दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती है तो आने वाले दिनों में छात्रों के और बड़े आंदोलन देखने को मिल सकते हैं। 11 सैटेलाइट सिटी योजना को लेकर किसानों के पक्ष में बोले पीके प्रशांत किशोर ने बिहार में प्रस्तावित 11 सैटेलाइट सिटी की योजना को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के नाम पर बिहार के मध्यम किसानों की जमीन को औने-पौने दाम पर बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर किसानों और समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से सरकार यह कानून लेकर आई है, उसी दिन से जन सुराज इसका विरोध कर रहा है। उनका दावा है कि बिहार में इस तरह की योजना को जमीन पर लागू करना आसान नहीं होगा और आने वाले दिनों में इसे लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन हो सकता है। महंगी जमीन के अधिग्रहण पर सरकार की क्षमता पर सवाल उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसानों और अन्य भूमिधारकों की जमीन का अधिग्रहण करती है तो उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। सिर्फ यह कहना कि जमीन का रिडेवलपमेंट करके बाद में वापस कर दी जाएगी, किसानों को स्वीकार नहीं होगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि जमीन का भाव बढ़ने की स्थिति में कोई भी किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं होगा।  

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