प्रयागराज के गांवों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के नाम पर खोदी गई सड़कें लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। कई गांवों में सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो कहीं केवल औपचारिकता कर गिट्टी और मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। कई जगह सड़कें पहले जैसी स्थिति में नहीं लौट सकी हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके बावजूद जल निगम ग्रामीण का दावा है कि जिले में खोदी गई 5579 किलोमीटर सड़कों में से 5560 किलोमीटर की मरम्मत करा दी गई है। विभाग के इस दावे और गांवों की जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है। ऐसे में जिन गांवों में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है या मरम्मत के नाम पर खानापूरी की गई है, वहां के लोग सीधे जल निगम ग्रामीण से शिकायत कर सकते हैं। विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 जारी किया है। इसके अलावा जलसारथी ऐप पर सड़क की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जल समाधान ऐप और आईजीआरएस पोर्टल भी शिकायत के विकल्प हैं। 10 नवंबर तक चल रहा अभियान
जल निगम ग्रामीण की ओर से सड़क पुनर्स्थापना के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। एक अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान 10 नवंबर तक चलेगा। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में ग्रामीणों के पास अभियान की अवधि में अपनी शिकायत दर्ज कराने का मौका है। यहां करें शिकायत शिकायत करते समय इन बातों का रखें ध्यान
सड़क की मरम्मत नहीं हुई है या अधूरी मरम्मत की गई है तो शिकायत में गांव, सड़क और क्षतिग्रस्त स्थान का स्पष्ट विवरण दें। संभव हो तो मौके की फोटो और वीडियो भी अपलोड करें। टोल फ्री नंबर पर शिकायत करते समय समस्या का पूरा ब्योरा दें।

