नूंह जिले में 15 मई से चल रही ब्रज 84 कोस परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है। इसी क्रम में डीसी अखिल पिलानी ने सोमवार को परिक्रमा मार्ग का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीसी ने गांव नीमका और बिछौर से गुजर रहे परिक्रमा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा, बिजली, सफाई और अन्य सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न पड़ाव स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी ली। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- डीसी निरीक्षण के दौरान डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परिक्रमा समाप्त होने तक किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को लगातार सुचारू रूप से बनाए रखने पर जोर दिया। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। डीसी ने मार्ग पर लगाए गए पानी के टैंकरों की जांच की और उन्हें तुरंत भरवाने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से परिक्रमा मार्ग पर लगभग 15 स्थानों पर पेयजल टैंकर लगाए गए हैं। संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बिजली, शौचालय, सफाई और विश्राम स्थलों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मार्ग में नियमित अंतराल पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे यात्रा सुगमता से पूरी हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। परिक्रमा मार्ग के आसपास 2 एंबुलेंस 24 घंटे तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, गांव बिछौर और नीमका में चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को निशुल्क दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल रही है। मोबाइल मेडिकल टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।


