‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम Anita Kanwal का छलका दर्द, 70 की उम्र में भी कर रहीं काम की तलाश

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम Anita Kanwal का छलका दर्द, 70 की उम्र में भी कर रहीं काम की तलाश

TV Actress Anita Kanwal: वेटरन एक्ट्रेस अनीता कंवल, जो साल 1994 की फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ और ‘सोन परी’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, ‘ससुराल गेंदा फूल’ जैसे TV शोज के लिए घर-घर में जानी जाती हैं का कहना है कि वो फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिंग के मौके तलाश रही हैं। 80 के दशक में अपना करियर शुरू करने वाली 70 साल की अनीता कहती हैं कि TV पर इतना काम करने के बावजूद, अब वो इस मीडियम में काम करने में कम्फर्टेबल फील नहीं करतीं।

HTCity के हुई बातचीत में अनीता कंवल ने बताया, “मैं बेसब्री से काम ढूंढ रही हूं। मेरे जैसे काम के दीवाने इंसान के लिए, काम के बिना ज़िंदगी कुछ भी नहीं है। मैं ऑडिशन दे रही हूं; मेरे लिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये सड़क पर होने वाला कोई नाटक है या कोई फिल्म, मैं दोनों में एक जैसी ही मेहनत करती हूं। मैं अकेली रहती हूं और खुद से टेस्ट नहीं कर सकती; अगर वो मुझे ऑडिशन के लिए ऑफिस बुलाते हैं, तो मैं वहां जाती हूं।”

“मौजूदा हालात में मैं TV में काम नहीं कर सकती”

इसके आगे वो कहती हैं कि उन्हें OTT शोज में काम करने में काफी मजा आया, “मैंने OTT के लिए ‘रायसिंघानी बनाम रायसिंघानी’ (2024) में काम किया, और एक ऐसे किरदार को निभाने का एक्सीरियंस लिया जिसके कई अलग-अलग पहलू थे। TV में काम न करना मेरा एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है, जब तक कि वहां कुछ बहुत ही सार्थक न हो। हाल ही में मैंने एक अजीब ऑडिशन दिया, जिसमें उन्होंने मुझे बताया कि ये एक नेगेटिव किरदार है। मैंने हल्की सी मुस्कान के साथ एक लाइन बोली। डायरेक्टर मेरे पास आए और मुझसे पूछा कि एक नेगेटिव किरदार निभाते हुए मैं कैसे मुस्कुरा सकती हूं।” इसके आगे उन्होंने बताया कि वो घर लौट आईं और उन्होंने तय कर लिया कि मौजूदा हालात में वो TV में काम नहीं कर सकतीं, खासकर तब जब काम की शिफ्ट 10 घंटे से भी ज्यादा लंबी होती हैं और कोई छुट्टी भी नहीं मिलती।

‘बनेगी अपनी बात’ में किया इरफान खान के साथ काम

इसके साथ ही अनीता कंवल ने याद करते हुए बताया, “बनेगी अपनी बात” के दौरान मेरा दिवंगत इरफान खान के साथ एक सीन था, जिसमें हम अंताक्षरी खेलते हुए आपस में झगड़ते हैं, और अब, एक नेगेटिव किरदार निभाते हुए हल्की सी मुस्कान देना ही डायरेक्टर्स के लिए एक समस्या बन गया है। मुझे उम्मीद है कि TV में काम करने का तरीका बेहतर होगा और उसमें कुछ अच्छे बदलाव आएंगे।”

इससे पहले सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में भी वो अभी भी इंडस्ट्री में काम करने और अपने अनुभवों पर बात कर चुकीं हैं।

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