पूर्व सांसद जगदीश शर्मा ने मुख्यमंत्री से मगध क्षेत्र की महान विभूतियों की जयंती और पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और समाज में सकारात्मक सोच विकसित होगी। मीडिया से बातचीत में शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक आवेदन सौंपा है। आवेदन में उन्होंने मगध क्षेत्र के उन महान पुरुषों और समाजसेवियों को सम्मान देने की अपील की है, जिन्होंने शिक्षा, राजनीति और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। युवा पीढ़ी सांस्कृतिक विरासत से दूर हो रही पूर्व सांसद ने तर्क दिया कि आज की युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत से दूर होती जा रही है। यदि इन विभूतियों की जयंती और पुण्यतिथि सरकारी स्तर पर मनाई जाएगी, तो युवाओं को उनके संघर्ष, त्याग और कार्यों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मगध क्षेत्र हमेशा से शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना का केंद्र रहा है। यहां कई ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने समाज सुधार, शिक्षा के प्रसार और गरीब एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जीवनभर कार्य किया, लेकिन समय के साथ उनके योगदान को भुलाया जा रहा है। समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा जगदीश शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार द्वारा इन विभूतियों को राजकीय सम्मान देना न केवल उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मांग पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाएंगे। पूर्व सांसद जगदीश शर्मा ने मुख्यमंत्री से मगध क्षेत्र की महान विभूतियों की जयंती और पुण्यतिथि को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और समाज में सकारात्मक सोच विकसित होगी। मीडिया से बातचीत में शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक आवेदन सौंपा है। आवेदन में उन्होंने मगध क्षेत्र के उन महान पुरुषों और समाजसेवियों को सम्मान देने की अपील की है, जिन्होंने शिक्षा, राजनीति और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। युवा पीढ़ी सांस्कृतिक विरासत से दूर हो रही पूर्व सांसद ने तर्क दिया कि आज की युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत से दूर होती जा रही है। यदि इन विभूतियों की जयंती और पुण्यतिथि सरकारी स्तर पर मनाई जाएगी, तो युवाओं को उनके संघर्ष, त्याग और कार्यों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मगध क्षेत्र हमेशा से शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना का केंद्र रहा है। यहां कई ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने समाज सुधार, शिक्षा के प्रसार और गरीब एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जीवनभर कार्य किया, लेकिन समय के साथ उनके योगदान को भुलाया जा रहा है। समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा जगदीश शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार द्वारा इन विभूतियों को राजकीय सम्मान देना न केवल उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मांग पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाएंगे।


