नियोजित शिक्षक पंचायती राज छोड़कर शिक्षा विभाग के अधीन होंगे:बेगूसराय में शिक्षा मंत्री का एलान, बोले- 19 साल बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की होगी बहाली

नियोजित शिक्षक पंचायती राज छोड़कर शिक्षा विभाग के अधीन होंगे:बेगूसराय में शिक्षा मंत्री का एलान, बोले- 19 साल बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की होगी बहाली

बेगूसराय के सिंघौल स्थित हर्ष गार्डन में विवेकानंद विचार मंच के तत्वावधान में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सर्वेश कुमार एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. घनश्याम राय के समर्थन में सभा आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में इस समय लगभग 75 हजार नियोजित शिक्षक हैं, जिनका प्रशासनिक नियंत्रण अब तक पंचायती राज विभाग के अधीन रहा है। बिहार सरकार ने कैबिनेट स्तर पर इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श किया है और यह निर्णय लिया गया है कि नियोजित शिक्षकों का पूरा नियंत्रण पंचायती राज विभाग से हटाकर शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह नियंत्रण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जैसे ही नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास आएगा, उसके तुरंत बाद सभी पात्र शिक्षकों के लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को किसी दफ्तर या अधिकारी के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी व्यवस्थाएं खुद बन जाएगी। मांग, आवश्यकता के अनुसार बीपीएससी को रिक्तियां भेजी हैं- मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने मांग और आवश्यकताओं के अनुसार ही बीपीएससी (BPSC) को रिक्तियां भेजी है। पूर्व में 20 हजार भर्तियों का इरादा था, लेकिन अब तक लगभग 34 हजार पदों के लिए अधियाचना बीपीएससी को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में जारी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होते ही जहां भी नए पद रिक्त होंगे, उन सभी रिक्तियों को तुरंत बीपीएससी को भेजा जाएगा। जिससे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं और अभ्यर्थियों को रोजगार के भरपूर अवसर मिल सके। पुस्तकालय व्यवस्था और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से बिहार में पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली नहीं हुई थी। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि 19 साल के लंबे इंतजार के बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली की जाएगी। सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू, आवेदन प्राप्त किए जा रहे इसके लिए सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। जब ट्रांसफर का सामान्य पोर्टल खुलेगा, तो उसमें पुस्तकालय अध्यक्षों, प्रधान शिक्षकों तथा मॉडल स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण का भी स्पष्ट विकल्प उपलब्ध रहेगा। मॉडल स्कूलों के शिक्षकों की आशंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के ट्रांसफर के लिए कोई बाधा या बैरियर नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। शिक्षकों का शोषण करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं गया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर वे स्वयं संज्ञान लेते हैं और देर रात तक सचिवालय में बैठकर फैसले लेते हैं। बेगूसराय के सिंघौल स्थित हर्ष गार्डन में विवेकानंद विचार मंच के तत्वावधान में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सर्वेश कुमार एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. घनश्याम राय के समर्थन में सभा आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में इस समय लगभग 75 हजार नियोजित शिक्षक हैं, जिनका प्रशासनिक नियंत्रण अब तक पंचायती राज विभाग के अधीन रहा है। बिहार सरकार ने कैबिनेट स्तर पर इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श किया है और यह निर्णय लिया गया है कि नियोजित शिक्षकों का पूरा नियंत्रण पंचायती राज विभाग से हटाकर शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह नियंत्रण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जैसे ही नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास आएगा, उसके तुरंत बाद सभी पात्र शिक्षकों के लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को किसी दफ्तर या अधिकारी के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी व्यवस्थाएं खुद बन जाएगी। मांग, आवश्यकता के अनुसार बीपीएससी को रिक्तियां भेजी हैं- मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने मांग और आवश्यकताओं के अनुसार ही बीपीएससी (BPSC) को रिक्तियां भेजी है। पूर्व में 20 हजार भर्तियों का इरादा था, लेकिन अब तक लगभग 34 हजार पदों के लिए अधियाचना बीपीएससी को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में जारी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होते ही जहां भी नए पद रिक्त होंगे, उन सभी रिक्तियों को तुरंत बीपीएससी को भेजा जाएगा। जिससे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं और अभ्यर्थियों को रोजगार के भरपूर अवसर मिल सके। पुस्तकालय व्यवस्था और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से बिहार में पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली नहीं हुई थी। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि 19 साल के लंबे इंतजार के बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली की जाएगी। सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू, आवेदन प्राप्त किए जा रहे इसके लिए सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। जब ट्रांसफर का सामान्य पोर्टल खुलेगा, तो उसमें पुस्तकालय अध्यक्षों, प्रधान शिक्षकों तथा मॉडल स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण का भी स्पष्ट विकल्प उपलब्ध रहेगा। मॉडल स्कूलों के शिक्षकों की आशंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के ट्रांसफर के लिए कोई बाधा या बैरियर नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। शिक्षकों का शोषण करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं गया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर वे स्वयं संज्ञान लेते हैं और देर रात तक सचिवालय में बैठकर फैसले लेते हैं।  

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