मंगलवार को संसदीय दल के दौरे के कारण प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय परिसर को साढ़े चार घंटे के लिए बंद कर दिया गया। इस दौरान सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, संसदीय दल ने पहले राजगीर का भ्रमण किया और फिर नालंदा विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा। वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर, प्रशासन ने दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आम पर्यटकों के लिए परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। प्रवेश बंद होने की सूचना मिलने पर परिसर के बाहर खड़े सैकड़ों पर्यटक आक्रोशित हो उठे। बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल सहित अन्य राज्यों और विदेशों से आए पर्यटकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। पर्यटकों ने कहा कि सांसदों के दौरे के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जो अनुचित है। उन्होंने बताया कि यहां तक पहुंचने में उनका पैसा और समय दोनों बर्बाद हुआ है। कई परिवारों को बच्चों के साथ घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी बिना देखे लौटना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि संसदीय दल के दौरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया था। गौरतलब है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नालंदा विश्वविद्यालय प्रतिदिन हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। अचानक प्रवेश बंद होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ओडिशा से आईं मोहिनी और राउरकेला से आए संदीप सहित अन्य पर्यटकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे वीवीआईपी दौरों के कारण प्रवेश बंद करने की सूचना पहले से घोषित की जाए, ताकि पर्यटकों को असुविधा न हो। मंगलवार को संसदीय दल के दौरे के कारण प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय परिसर को साढ़े चार घंटे के लिए बंद कर दिया गया। इस दौरान सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, संसदीय दल ने पहले राजगीर का भ्रमण किया और फिर नालंदा विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा। वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर, प्रशासन ने दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आम पर्यटकों के लिए परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। प्रवेश बंद होने की सूचना मिलने पर परिसर के बाहर खड़े सैकड़ों पर्यटक आक्रोशित हो उठे। बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल सहित अन्य राज्यों और विदेशों से आए पर्यटकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। पर्यटकों ने कहा कि सांसदों के दौरे के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जो अनुचित है। उन्होंने बताया कि यहां तक पहुंचने में उनका पैसा और समय दोनों बर्बाद हुआ है। कई परिवारों को बच्चों के साथ घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी बिना देखे लौटना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि संसदीय दल के दौरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया था। गौरतलब है कि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नालंदा विश्वविद्यालय प्रतिदिन हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। अचानक प्रवेश बंद होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ओडिशा से आईं मोहिनी और राउरकेला से आए संदीप सहित अन्य पर्यटकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे वीवीआईपी दौरों के कारण प्रवेश बंद करने की सूचना पहले से घोषित की जाए, ताकि पर्यटकों को असुविधा न हो।

