नालंदा में नौनिहालों की शुरुआती शिक्षा और पोषण की नींव कहे जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र खुद बदहाली के साये में हैं। नालंदा के कुल 3,417 स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों में से महज 1,346 केंद्रों के पास ही अपना पक्का भवन उपलब्ध है। बाकी 2,071 केंद्र आज भी भवनहीन हैं। इनमें से 1,299 केंद्र संकरे किराये के कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो बच्चों के खेलने-कूदने की खुली जगह है और न ही बुनियादी सुविधाएं। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि बिना सुरक्षित छत के नौनिहालों का भविष्य कैसे संवरेगा? जमीन संकट से अटकी निर्माण की रफ्तार अपना भवन न होने से सेविकाओं को केंद्र संचालन में भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। सरकारी योजनाओं (मनरेगा व वीबी-जी राम जी) के तहत नये भवनों के निर्माण की योजना तो है, लेकिन उपयुक्त सरकारी जमीन का न मिलना सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। हाल ही में 13 नये आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से तीन केंद्र जमीन विवाद की भेंट चढ़ गए। स्थिति यह है कि दो जगहों पर प्लास्टर स्तर तक का काम पूरा होने के बाद विवाद के कारण काम बीच में ही रोकना पड़ा। 93 केंद्रों को मिला अपना आशियाना विभागीय डीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकार के नये निर्देशों के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 93 केंद्रों के भवनों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया जा चुका है, जबकि 13 अन्य केंद्रों पर तेजी से काम चल रहा है। इन केंद्रों में निर्माण कार्य जारी वर्तमान में मीराचक (केंद्र सं. 17), सिरिया (वार्ड 17), कोरूत, बदराबाद, कोसियावां (वार्ड 14), चखामिद, अलावां (वार्ड 12 व 5), सोनसा (वार्ड 4), लक्ष्मीपुर (केंद्र सं. 109), अहियापुर तथा भोभी मध्य विद्यालय के समीप स्थित केंद्रों में भवन निर्माण का काम प्रगति पर है। दर्जनों केंद्रों को मिली राहत, बनकर तैयार हुए भवन जिले के कई इलाकों में भवन निर्माण का कार्य पूरा होने से बच्चों और सेविकाओं को बड़ी राहत मिली है। इनमें बेनार (कोड 10), जियर पिंडपर (वार्ड 8), बारेपुर (वार्ड 12), बहादीबिगहा (वार्ड 3), फतेहपुर (वार्ड 14), रजावां (वार्ड 4), बहादुरपुर (वार्ड 9), भिखनीबिगहा (कोड 197), अकौना (वार्ड 2 व 5), अरावां, राधाबिगहा, खैरा (वार्ड 6 व 15), कोरई (वार्ड 7), सरबहदी (वार्ड 1), तिउरी, जमसारी (वार्ड 4), लोदीपुर (वार्ड 14), मिसियाडीह (वार्ड 12), रसंडा (वार्ड 2), यशवंतपुर (वार्ड 7), अनंतपुर (वार्ड 6), सालेपुर (वार्ड 7), बिरनामा, अमरनासखास (वार्ड 10), कोसियावां (वार्ड 11) और प्रभाबिगहा प्राथमिक विद्यालय के केंद्र शामिल हैं। नालंदा में नौनिहालों की शुरुआती शिक्षा और पोषण की नींव कहे जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र खुद बदहाली के साये में हैं। नालंदा के कुल 3,417 स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों में से महज 1,346 केंद्रों के पास ही अपना पक्का भवन उपलब्ध है। बाकी 2,071 केंद्र आज भी भवनहीन हैं। इनमें से 1,299 केंद्र संकरे किराये के कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो बच्चों के खेलने-कूदने की खुली जगह है और न ही बुनियादी सुविधाएं। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि बिना सुरक्षित छत के नौनिहालों का भविष्य कैसे संवरेगा? जमीन संकट से अटकी निर्माण की रफ्तार अपना भवन न होने से सेविकाओं को केंद्र संचालन में भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। सरकारी योजनाओं (मनरेगा व वीबी-जी राम जी) के तहत नये भवनों के निर्माण की योजना तो है, लेकिन उपयुक्त सरकारी जमीन का न मिलना सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। हाल ही में 13 नये आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से तीन केंद्र जमीन विवाद की भेंट चढ़ गए। स्थिति यह है कि दो जगहों पर प्लास्टर स्तर तक का काम पूरा होने के बाद विवाद के कारण काम बीच में ही रोकना पड़ा। 93 केंद्रों को मिला अपना आशियाना विभागीय डीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकार के नये निर्देशों के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 93 केंद्रों के भवनों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया जा चुका है, जबकि 13 अन्य केंद्रों पर तेजी से काम चल रहा है। इन केंद्रों में निर्माण कार्य जारी वर्तमान में मीराचक (केंद्र सं. 17), सिरिया (वार्ड 17), कोरूत, बदराबाद, कोसियावां (वार्ड 14), चखामिद, अलावां (वार्ड 12 व 5), सोनसा (वार्ड 4), लक्ष्मीपुर (केंद्र सं. 109), अहियापुर तथा भोभी मध्य विद्यालय के समीप स्थित केंद्रों में भवन निर्माण का काम प्रगति पर है। दर्जनों केंद्रों को मिली राहत, बनकर तैयार हुए भवन जिले के कई इलाकों में भवन निर्माण का कार्य पूरा होने से बच्चों और सेविकाओं को बड़ी राहत मिली है। इनमें बेनार (कोड 10), जियर पिंडपर (वार्ड 8), बारेपुर (वार्ड 12), बहादीबिगहा (वार्ड 3), फतेहपुर (वार्ड 14), रजावां (वार्ड 4), बहादुरपुर (वार्ड 9), भिखनीबिगहा (कोड 197), अकौना (वार्ड 2 व 5), अरावां, राधाबिगहा, खैरा (वार्ड 6 व 15), कोरई (वार्ड 7), सरबहदी (वार्ड 1), तिउरी, जमसारी (वार्ड 4), लोदीपुर (वार्ड 14), मिसियाडीह (वार्ड 12), रसंडा (वार्ड 2), यशवंतपुर (वार्ड 7), अनंतपुर (वार्ड 6), सालेपुर (वार्ड 7), बिरनामा, अमरनासखास (वार्ड 10), कोसियावां (वार्ड 11) और प्रभाबिगहा प्राथमिक विद्यालय के केंद्र शामिल हैं।

